बस्ती। नगर निकाय चुनाव में नगर पालिका की सीट पर आम जन ने सपा की नेहा वर्मा पर विश्वास जताया। नेहा को कुल पड़े 54 हजार से अधिक मतों में से 27 हजार से अधिक मत मिले हैं। जनता का विश्वास अध्यक्ष के प्रति तो था, मगर सदस्यों को लेकर आम जन ने भाजपा को पहली पसंद बना दिया। बहुमत नहीं होने से अब पालिका बोर्ड के गठन में पालिकाध्यक्ष को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में शहर की सरकार चलाने में उन्हें मशक्कत करनी पड़ेगी।
नगर पालिका परिणाम 13 मई को आ गया। शहर की नगर पालिका समाजवादी पार्टी के खाते में चली गई है, मगर अपने पालिका में बोर्ड गठन में दिक्कत की अटकलें अभी से लगाई जाने लगी हैं। अध्यक्ष भले ही सपा का हो, मगर बोर्ड में 10 सदस्य भाजपा और 9 निर्दलीय हैं। इनको एक साथ लेकर चलना पालिकाध्यक्ष के लिए चुनौती साबित हो सकती है। बोर्ड की हर बैठक में मुद्दों को लेकर अध्यक्ष के सामने विपक्षी दलों के सदस्य चुनौती पेश करेंगे। हर बैठक में हंगामा होने के आसार अभी से नजर आ रहे हैं। खर्च के हिसाब से न तो पालिका के पास धन है और न कोई अन्य संसाधन, जिससे विकास की नई इबारत लिखी जा सके।
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विकास के मुद्दे पर किया जाएगा एकजुट : नेहा वर्मा
नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा ने कहा कि बोर्ड गठन करने में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। बोर्ड के सदस्य में कोई पक्ष-विपक्ष नहीं है। सभी एक परिवार की तरह होंगे। विकास के मुद्दे पर ही सबको एकजुट किया जाएगा। नगर पालिका में विकास के नाम पर ही जनता ने मुझे कुर्सी दी है। हर मुद्दे पर बैठकर सदस्यों से बातचीत की जाएगी। शहरी विकास के सभी प्रस्तावों पर सदस्यों से मंजूरी के बाद ही उस पर विचार किया जाएगा। शहर का विकास ही मेरा उद्देश्य है। सभी सदस्यों का भी यही उद्देश्य है।
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धन की होगी सबसे बड़ी चुनौती : पूर्व पालिकाध्यक्ष
पूर्व पालिकाध्यक्ष रूपम मिश्रा ने बताया कि नई पालिकाध्यक्ष के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती धन की होगी। क्योंकि पालिका करोड़ों रुपये के नुकसान में है। इसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल है। क्योंकि पालिका के पास बोर्ड फंड व राज्य वित्त हैं। हर माह राज्य वित्त में तकरीबन 10 करोड़ मिलते हैं, जिसमें करीब ढाई करोड़ तो वेतन है, जबकि अन्य खर्चे भी इसी मद से होते हैं। बोर्ड फंड करीब 2.50 करोड़ प्रतिवर्ष का है। इसी धन से सड़क, नाली, पानी व अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके अलावा पालिकाध्यक्ष के सामने कर्मियों की समस्याएं, शहर की मूलभूत सुविधाओं व अन्य मामले भी समस्या के रूप में आएंगी। उसे निपटाने के लिए सदस्यों के सहयोग की जरूरत होगी। यदि एक ही दल के सदस्य हों तो कोई बात नहीं, मगर जब विपक्ष के सदस्य अधिक होंगे तो हर मुद्दे को सुलझाने की चुनौती होती है।
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नगर पालिकाध्यक्ष
नेहा वर्मा समाजवादी पार्टी
नगर पालिका के वार्ड सदस्यों की सूची
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1- अमरावती- बसपा
2- राजन ठाकुर- भाजपा
3-रोली चौधरी निर्दल
4- इंद्रावती भाजपा
5- विद्यावती - भाजपा
6-ममता सोनकर- सपा
7- प्रदीप पासवान- सपा
8- इद्रीश- भाजपा
9- अयूब- निर्दल
10- दिनेश गुप्ता- भाजपा
11- निर्मला देवी- निर्दल
12- मंजू श्रीवास्तव- भाजपा
13-निर्मला- सपा
14- पंकज चौधरी- निर्दल
15- बैजंती सिंह- निर्दल
16- कृष्ण कुमार पांडेय- भाजपा
17- सर्वेश यादव- सपा
18- जगदीप श्रीवास्तव- निर्दल
19- कृष्ण कुमार- भाजपा
20-रूकैया खातून- निर्दल
21- गौतम यादव- सपा
22- प्रफुल्ल श्रीवास्तव- भाजपा
23- परमेश्वर शुक्ल पप्पू- भाजपा
24-शाहजहां- निर्दल
25-रमेश गुप्ता- निर्दल