बस्ती। 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद जिले में विद्यार्थियाें के लिए डिग्री और तकनीकी शिक्षा के ही विकल्प उपलब्ध हैं। करीब दो दशक से जिले में उच्च शिक्षा के लिए कोई नया सरकारी संस्थान नहीं खोला जा सका। ऐसे में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने वाले एक तिहाई से अधिक विद्यार्थियों को निजी संस्थानों से शिक्षा लेनी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में पांच राजकीय महाविद्यालय रामधनी सिंह नोहरा देवी राजकीय महाविद्यालय गड़हा गौतम, राजकीय महाविद्यालय हर्रैया, पचवस, रुधौली और सेहमो में स्थित है। इसके अलावा चार वित्त पोषित और 50 से अधिक निजी महाविद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। जिले के सभी महाविद्यालयों में मिलाकर स्नातक में करीब 10 हजार सीटें हैं। ऐसे में 12वीं उत्तीर्ण पचास फीसदी विद्यार्थियों को भी महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पाता है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2022 शैक्षिक सत्र में इंटरमीडिएट में करीब 85.38 प्रतिशत यानी 29,063 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। जबकि शैक्षिक सत्र 2023 में 80 प्रतिशत यानी 32,228 विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। हर साल 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या में ढाई से तीन हजार की बढ़ोतरी हो रही है। जबकि महाविद्यालयों में स्नातक में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है।