परशुरामपुर। पौराणिक स्थल मखौड़ाधाम में राम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास श्याम जी ने माता पार्वती की ओर से भगवान राम की परीक्षा लेने की कथा सुनाई।
कथा व्यास ने कहा कि शिव जी पार्वती संग आकाश मार्ग से जा रहे थे। रास्ते में भगवान राम माता सीता की खोज में भटक रहे थे। शिव जी पार्वती से कहते हैं कि ये कोई साधारण मानव नहीं, स्वयं विष्णु हैं। पार्वती जी को संदेह हो जाता है। वह रूप बदलकर राम की परीक्षा लेने चली जाती हैं। सीता का रूप धारण कर जब वह राम के सामने पहुंचती हैं, तो राम उनको पहचान लेते हैं और माता कहकर उनकाे प्रणाम करते हैं। इस तरह पार्वती का भ्रम दूर हो जाता है। पार्वती जी शिव जी यह बात छिपा लेती हैं। क्रोधित होकर शिव ने पार्वती का परित्याग कर दिया। कथा में महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, सूरज दास वैदिक, रामशंकर दास रामायणी आदि उपस्थित रहे।