टिनिच। क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। दिन में बंदर और रात में छुट्टा मवेशी व नीलगाय फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं।
झलहनिया, खलवा बजहिया, भदना, बेतौहा, अर्जुनबीरो, शिवपुर, मझौवा, रेहरवा, डिगरभरिया, बसहवा, सुकरौली, कूपनगर, शीतलनगर, नोनहा, ससारपुर, बारह छत्तर आदि गांवों में बंदरों का आतंक है। दिन में बंदर सब्जी, मौसमी फल व गेहूं, चना, मटर आदि की फसल खराब कर रहे हैं। रात में नीलगाय व छुट्टा मवेशी फसलों को चर लेते हैं। इनसे फसलों को सुरक्षित बचा पाना कठिन हो रहा है।
किसान दिनरात खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद वह फसले बचाने में असफल हो रहे हैं। किसान गंगाराम चौधरी, लल्लन चौधरी, राम सागर, राधेश्याम, चंद्र शेखर आदि ने बताया कि किस-किस से फसल को बचाएं, जब सभी खराब करने पर उतारू हैं।