गौर ब्लॉक में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का होना है भुगतान
मनरेगा कार्यों में मजदूरों की घट रही संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। चार माह से मनरेगा मजदूरों का करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का मजदूरी का भुगतान न होने से मनरेगा मजदूरों की संख्या घटती जा रही है। भुगतान न होने से मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो रहा है।
गौर ब्लॉक के 108 ग्राम पंचायत में नवंबर 2023 से मनरेगा कार्यों का कोई भुगतान नहीं हुआ है। जबकि गांवों में ग्राम प्रधान की ओर से संपर्क मार्गों का मरम्मत, इंटरलॉकिंग, नाला सफाई, तालाब का सुंदरीकरण, अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों को विकसित करने के साथ कई विकास कार्यों को मनरेगा मजदूरों के माध्यम से कराया गया है। शासन की ओर से मजदूरों की एक दिन की मजदूरी 230 रुपये तय की गई है। लंबे समय से मजदूरी का भुगतान न होने से मजदूरों और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
ग्राम प्रधानों का कहना है कि मजदूरों का भुगतान न होने से मजदूर काम करने के लिए तैयार नहीं है। गौर गांव के मनरेगा मजदूर विद्यावती, कमला देवी व कर्मा गांव की मूरता देवी, रामभारत, तुलसीराम ने बताया कि चार माह पहले काम किया गया था, लेकिन मजदूरी अब तक नहीं मिली। मजदूरी न मिलने से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है।
उपायुक्त श्रम रोजगार संजय शर्मा ने बताया कि मनरेगा का भुगतान शासन से लंबे समय से रुका है। इन सब का भुगतान लखनऊ से एक साथ होता है। मनरेगा मजदूरी के भुगतान के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द भुगतान होने की उम्मीद है।