बस्ती। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश जुलाई में होना है। कॉलेजों ने 30 जून तक आवेदन लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में यदि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से चूकने पर विद्यार्थी जिले के अन्य कॉलेजों में प्रवेश ले सकेंगे। टीम ने शनिवार को शहर के कुछ चुनिंदा कॉलेजों में प्रवेश की स्थिति का जायजा लिया। अभी तक जिले के किसी महाविद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है।
शिवहर्ष पीजी कॉलेज में परास्नातक प्राणि विज्ञान में मेरिट के आधार पर होगा प्रवेश
- शहर में सबसे बड़े और विज्ञान विषयों की पढ़ाई कराने वाले शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज में स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन पत्रों का वितरण किया जा रहा है। महाविद्यालय में एमएससी गणित, प्राणि विज्ञान और वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई होती है। एमए भूगोल और प्राणि विज्ञान पाठ्यक्रम में मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाता है। जबकि अन्य पाठ्यक्रमों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रवेश लिया जाता है। महाविद्यालय में बीएससी में 484 और बीए में 560 सीटें हैं। इसके अलावा परास्नातक की कक्षाओं में 308 सीटे हैं।
महिला महाविद्यालय में स्नातक के 12 विषयों की होती है पढ़ाई
- शहर में स्थित एक मात्र महिला महाविद्यालय में 12 विषयों में स्नातक पढ़ाई होती है। महाविद्यालय में स्नातक में 720 और परास्नातक में 180 सीटे हैं। यहां हिंदी, समाज शास्त्र, शिक्षा शास्त्र, प्राचीन इतिहास, उर्दू, शारीरिक शिक्षा, अर्थशास्त्र, संगीत, गृह विज्ञान, भूगोल, राजनीति शास्त्र, संस्कृत विषयों में स्नातक की पढ़ाई होती है। परास्नातक पाठ्यक्रम में समाज शास्त्र, प्राचीन इतिहास और गृह विज्ञान विषय की पढ़ाई होती है। महाविद्यालय दूर-दराज की छात्राओं के लिए छात्रावास की भी सुविधा देता है।
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एपीएन पीजी कॉलेज में होती है कानून की पढ़ाई
- शहर में एपीएन पीजी कॉलेज एक मात्र ऐसा संस्थान है जहां कानून,रक्षा अध्ययन और वाणिज्यिक विषयों की पढ़ाई होती है। महाविद्यालय स्नातक कक्षाओं हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, रक्षा अध्ययन और अर्थशास्त्र विषय की पढ़ाई कराता है। यह बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के इलाकों में काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा परास्नातक में राजनीति विज्ञान, शिक्षा शास्त्र, हिंदी और रक्षा अध्ययन विषय की पढ़ाई होती है। महाविद्यालय परिसर में ही सरकार द्वारा संचालित अभ्युदय कोचिंग भी पढ़ाई जाती है।