बस्ती। तमाम संसाधनों से सुसज्जित मेडिकल कॉलेज की सुविधा ठहरी हुई है। कारण यह कि यहां संसाधन तो भरपूर हैं, मगर इसके संचालन के लिए तकनीशियन का इंतजार तीन वर्ष से हो रहा है। ऐसे में यहां स्थापित वेंटिलेटर व ऑक्सीजन प्लांट जैसे-तैसे संचालित हो रहे हैं। यह अलग बात है कि प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि वेंटीलेटर संचालन व आक्सीजन प्लांट के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, आपात काल में इनसे काम लिया जाता है। वह शासन को पत्र लिखने की बात कह रहे हैं।
जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली को अधिकृत किया गया है। व्यवस्था को चलाने के लिए 120 वेंटिलेटर युक्त बेड व सिलिंडर से ऑक्सीजन की व्यवस्था दूसरी लहर के समय हुई थी, मगर अब सब कुछ बदल चुका है। अस्पताल में जरूरत पूरी करने के लिए तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराए गए हैं। इन्हें सीधे वेंटिलेटर से जोड़ा गया है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए ऑपरेटर की तैनाती के लिए कॉलेज प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है, मगर अब तक एक भी तकनीशियन नहीं मिल पाया है। जबकि वेंटिलेटर संचालन के लिए करीब 30 तथा ऑक्सीजन प्लांट के लिए 18 ऑपरेटरों की जरूरत है।
बोले, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी इस काम को कर सकते हैं। इतना प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह जरूर है कि यहां ऑक्सीजन प्लांट व वेंटिलेटर के लिए तकनीकी हाथ नहीं हैं। शासन को पत्र लिखा गया है।