कैली अस्पताल में रोज करीब 100 मरीजों का होत है अल्ट्रासाउंड
संवाद न्यूज एजेसी
बस्ती। जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कैली अस्पताल को एक और अल्ट्रासाउंड मशीन शासन ने उपलब्ध कराया है। यहां प्रत्येक दिन 100 से अधिक मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता है।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में संसाधनों की कमी नहीं है। मगर, व्यवस्थागत खामियों के चलते मरीजों को इसका लाभ सही से नहीं मिल पा रहा है। मशीन एक बार खराब हो जाए तो उसकी मरम्मत जल्द संभव नहीं है। क्योंकि किसी भी मशीन को दुरुस्त कराने के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। करीब एक माह पहले कैली अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दोनों मशीनें अचानक खराब हो गईं। इसे ठीक कराने में कैली प्रशासन को पसीना छोड़ देना पड़ा। करीब सप्ताह भर कैली में अल्ट्रासाउंड सेंटर ठप रहा। इसके बाद प्रयास कर सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने एक मशीन ठीक कराई, तब जाकर अल्ट्रासाउंड शुरू हो सका। दूसरी मशीन के लिए लगातार प्रयास का नतीजा रहा कि 27 फरवरी को मशीन उपलब्ध हो गई।
सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि दो मशीन होने से सुविधा बढ़ गई है। चूंकि सभी अस्पतालों के अल्ट्रासाउंड का भार कैली पर है। ऐसे में दो मशीन हो जाने से हर दिन अधिक जांच हो सकेगी। प्रयास है कि एक और मशीन कैली को मिल जाए।
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यह है अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था
अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए कैली प्रशासन ने व्यवस्था बनाई है। इसके तहत सबसे पहले आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की जांच होती है। इसके बाद अस्पताल की इमरजेंसी से आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता है। जबकि तीसरे नंबर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों व ओपीडी के मरीजों की जांच की जाती है। इसके बाद अन्य अस्पतालाें के रेफर मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता है। यदि उसमें भी कोई इमरजेंसी का मरीज है तो उसका अल्ट्रासाउंड तत्काल होता है।