ओपीडी से इमरजेंसी तक पहुंचना कठिन, घुटने भर पानी में चल रहे लोग
डॉक्टर-स्टॉफ भी हो रहे परेशान, गलियारोें में भी टपक रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बारिश की वजह से मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में भी मरीज और तीमारदारों की दुर्दशा बढ़ गई हैं। मुख्य गेट से लेकर परिसर तक पानी भरा हुआ है। लोगों को घुटने भर पानी में घुसकर चलना पड़ रहा है। ओपीडी में मरीज दिखाने से लेकर इमरजेंसी में भर्ती कराने तक परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है7
ओपेक चिकित्सालय कैली पर मेडिकल कॉलेज की अस्पताल, प्रशिक्षण, आवासीय समेत आधी व्यवस्था निर्भर है। यहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा परिसर में चिकित्सक एवं स्टॉफ के रहने के लिए आधा दर्जन बहुमंजिला इमारतें हैं। इस परिसर से 20 से 25 हजार की आबादी का ताल्लुक रोजाना है। मगर, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं बन पाई है।
हल्की बारिश में यहां पानी भर जाता है। इधर दो दिनों की बारिश के चलते पूरे परिसर में जलभराव का संकट गहरा गया है। शनिवार को मरीज और तीमारदार पानी में घुसकर आते- जाते हुए दिखे। मुख्य द्वार से घुसने के बाद ही पानी भरा हुआ है। लोगों चप्पल- जूता हाथ में लेकर पानी में पैदल चलना पड़ रहा है। ओपीडी में किसी तरह पहुंचने के बाद इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने के लिए पानी से ही होकर गुजरना पड़ रहा है।
फिसलकर गिरने का भी भय लोगों में बना हुआ है। अस्पताल भवन के सामने पूरा परिसर तालाब की शक्ल में तब्दील हो गया है। आवासीय क्षेत्र में हालत और खराब है। सामने सड़क पर पानी लगने से लोगों का पैदल निकलना मुश्किल है। दो पहिया वाहनों पर सवार होकर लोग किसी तरह ड्यूटी एवं अन्य कार्यों के लिए बाहर निकल रहे हैं।
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कोट
अस्पताल परिसर की जलनिकासी के लिए नाले का निर्माण कराया गया था। मगर, उस पर स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी जानकारी दी गई है। जल्द ही कोई समाधान निकलेगा।
-डॉ. समीर श्रीवास्तव, सीएमएस, कैली अस्पताल