बस्ती। मुख्य अभियंता कार्यालय पर बुधवार को भी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। विरोध प्रदर्शन में कई संगठनों ने भी हिस्सा लिया। संघर्ष समिति के जिला संयोजक अशर्फी लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण निगमों में घाटे के भ्रामक आंकड़ों देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय लिया है। इससे बिजली कर्मियों में गुस्सा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मी विगत 7 माह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने एक बार भी उनसे वार्ता नहीं की। उन्होंने बताया कि बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, राज्य कर्मचारी महासंघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, खेत मजदूर यूनियन के तमाम पदाधिकारियों समेत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बस्ती के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष उदय शंकर शुक्ला आदि शामिल थे।