वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के मसहबा गांव मनोज की मौत पर गमगीन परिजन।
बस्ती। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के मसहबा गांव निवासी 45 वर्षीय मनोज यादव ने आर्थिक तंगी की वजह से फंदा लगाकर जान दे दी। उनकी पत्नी का कहना है कि मजदूरी से इतना नहीं मिल पाता था कि वह घर का खर्च चला सकें। परिवार प्लास्टिक की पन्नी का घेरा बनाकर उसी में रहता है। परिजनों की मानें तो तंगहाली से आजिज आकर मनोज ने मौत को गले लगा लिया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम में भी रस्सी से कसने के कारण दम घुटने से मौत की रिपोर्ट आई है।
बता दें कि शुक्रवार को 45 वर्षीय मनोज ने सुबह गांव के किनारे स्थित एक खेत में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के मुताबिक, मनोज मेहनत-मजदूरी करके किसी तरह अपनी पत्नी तथा दो बच्चों का भरण-पोषण करते थे। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई बृजमोहन हिमाचल प्रदेश में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहते हैं, जबकि छोटा भाई जगदीश गांव में अलग अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। दोनों मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं।
दिवंगत मनोज की पत्नी उर्मिला ने बताया कि रहने के लिए पन्नी के सहारे झुग्गी बनाकर अपने दो बच्चों राजू (8) व कृष्णा (3) के साथ किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। उर्मिला ने बताया कि उनके पति शुक्रवार को सुबह शौच के लिए गए थे। काफी देर तक नही लौटे। कुछ ग्रामीण खेत की ओर गए तो देखा कि मनोज का शव रस्सी के सहारे लटका हुआ है। गांव वालों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। पत्नी उर्मिला ने बताया कि इधर कई रोज से उन्हें काम नहीं मिल रहा था, जिससे घर में जरूरत के सामान नहीं आ पा रहे थे। इसे लेकर मनोज बहुत परेशान थे। थानाध्यक्ष नारायण लाल श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है।