कलवारी। कुदरहा ब्लॉक के काली मंदिर खेमऊपुर में नौ दिवसीय शतचंडी यज्ञ तथा संगीतमय भागवत कथा में पंडित दिवाकर शास्त्री ने श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। कहा कि कथा सुनने से मानव जीवन में संस्कार का उदय होता है। जीवन में कितनी भी विकट परिस्थिति क्यों न आए मनुष्य को अपना धर्म व संस्कार नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे ही मनुष्य जीवन के रहस्य को समझ सकते हैं जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ भक्ति है, वही जीवन धन्य भी है। ईश्वर ने अवतार लेकर विभिन्न लीलाओं के माध्यम से जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसे हर व्यक्ति को ग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन मूल्यों के बारे में जानकारी मिलने के साथ-साथ अपने कर्तव्य को भी समझा जा सकता है। संवाद