खुद को मुख्यमंत्री का सचिव बताकर धौंस दिखाते हुए बस्ती डीएम आवास के नंबर पर फोन कर आशु लिपिक से रुपये मांगने वाले आगरा के एक जालसाज को एसटीएफ आगरा की टीम ने बस्ती पुलिस की मदद से अमहट के पास गिरफ्तार किया है।
डीएम कैंप कार्यालय पर तैनात आशु लिपिक के मुताबिक आगरा निवासी विवेक ने कई बार कॉल करके रुपये मांगे। आशु लिपिक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मोबाइल नंबर और लोकेशन के आधार पर छानबीन की, तो आरोपी आगरा के मणिपुरा थाना बाह का निवासी निकला।
एसटीएफ की मदद से उसे अमहट पुल के पास से रविवार सुबह गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक उसे अधिकतर अधिकारियों के सीयूजी नंबर जुबानी याद हैं। पुलिस के मुताबिक जिलाधिकारी अंद्रा वामसी के आवास के मोबाइल नंबर पर 19 जून को शाम कॉल आई।
आशु लिपिक अमित श्रीवास्तव ने कॉल रिसीव की। कॉल करने वाले का नंबर ट्रू कॉलर में योगी आदित्यनाथ लिखा आया। फोन करने वाले शख्स ने खुद को सीएम योगी का सचिव बताया और अमित से कहा कि उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
विभागीय जांच का झांसा देते हुए दबाव बनाकर इसे मैनेज कराने के लिए रुपये मांगे। इसके बाद शाम चार से पांच बजे के बीच उसने कई बार फोन किया। आशु लिपिक ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने सीएम कार्यालय से मोबाइल नंबर की पुष्टि कराई तो जालसाजी सामने आ गई।
इसके बाद जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। ग्रेटर नोएडा गौतम बुद्ध नगर के रोजा जलालपुर निवासी आशु लिपिक अनिल कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने एसटीएफ की मदद ली।
सर्विलांस के जरिए जालसाज की पहचान आगरा के बाह थानाक्षेत्र के मणिपुरा निवासी विवेक के रूप में हुई। पुलिस ने आशु लिपिक से विवेक को फोन कराकर रुपये देने के बहाने जिले के अमहट घाट बुलाया। रविवार की सुबह अमहट के पास से प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली विजय कुमार दूबे, एसटीएफ यूनिट आगरा के एसआई लाल सिंह, अजय कुमार सिंह चौकी प्रभारी सिविल लाइन आदि की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली इंस्पेक्टर विजय कुमार दुबे ने बताया पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम विवेक तिवारी बताया हालांकि उसके बाद मिले दस्तावेज में उसका नाम विवेक शर्मा लिखा मिला है। उसके पास से मोबाइल, यूपी सरकार का लोगो लगा पेज बरामद हुआ है, जिस पर विवेक शर्मा, सचिव, मुख्यमंत्री और पता-10/9 कालीदास मार्ग, लखनऊ अंकित है।
उसके खिलाफ बस्ती के अलावा अलीगढ़, बलरामपुर, बांदा, मथुरा, कानपुर नगर और हरदोई में 17 मुकदमे दर्ज हैं।