परशुरामपुर। मखौड़ा धाम में श्रीराम महायज्ञ में मंगलवार को अयोध्या के कथा व्यास पवन कुमार दास शास्त्री ने मखौड़ा धाम और मनोरमा नदी की महिमा का बखान किया। श्रद्धालुओं को बताया कि मख स्थान वह पुन्य भूमि है, जिस पर यज्ञ करने से अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ को भगवान श्रीराम ही नहीं बल्कि धर्म, अर्थ काम और मोक्ष रूपी चार पुत्र प्राप्त हुए।
बताया कि मनोरमा नदी के तट पर मख भूमि यज्ञ के लिए सबसे सर्वोत्तम भूमि मानी जाती है। मनोरमा के तट पर जो श्रद्धालु कामना करते हैं उन सबके मनोरथ को पूरे होते हैं। अयोध्या दशरथ महल और मखौड़ा धाम के महंत बिंदु गद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि श्रीराम महायज्ञ जनकल्याण व विश्व कल्याण के लिए किया जाता है। मौके पर कार्यक्रम आयोजक और मखौड़ा धाम मंदिर के पुजारी सूर्य नारायण दास वैदिक, राम मणि पाठक, मिठाई लाल, बुद्धि सागर, नरेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।