बस्ती। गोरखपुर का बहुचर्चित माफिया विनोद उपाध्याय के मंगलवार को सीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचने की खबर है। बताया जा रहा है कि वह न्यायालय परिसर में पहुंच गया था, लेकिन पहले से मौजूद पुलिस टीम को देखकर वह रफूचक्कर हो गया। मंगलवार को न्यायालय बंद होने तक पुलिस टीमें आसपास मंडराती रहीं।
पुरानी बस्ती थाने में उसके खिलाफ वर्ष 2005 में दर्ज मारपीट, अपशब्द कहने व धमकी के केस में उसके खिलाफ सीजेएम न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। गोरखपुर के तमाम केस में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी माफिया को डर है कि कहीं पुलिस उसका एनकाउंटर न कर दे। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि वह पुरानी बस्ती के उस केस में आत्मसमर्पण करके सुरक्षित जेल में पहुंच जाना चाहता है। पिछले एक हफ्ते से कई बार उसके सरेंडर करने की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई, जिसके कारण वह न्यायालय में दाखिल होने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। गोरखपुर पुलिस यहां के उसके रिश्तेदारों और करीबियों से पूछताछ कर चुकी है।
मंगलवार को दोपहर अचानक पुलिस को सूचना मिली कि वह इस केस में न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पहुंचा है। इस सूचना पर कोतवाल शशांक शेखर राय व अन्य पुलिस कर्मी कचहरी पहुंचे, लेकिन विनोद हत्थे नहीं चढ़ सका।