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Basti News: योजनाएं बहुत मगर नए लोगों के लिए उद्योग लगाना आसान नहीं

Wed, 17 May 2023 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। रोजगार परक ऋण योजनाओं की भरमार हैं। बेरोजगारों को स्वरोजगारी बनाने के लिए जनपद में भारी भरकम अनुदान की रकम भी हर साल आती है, लेकिन इसका लाभ बस पुराने कारोबारियों को ही मिल पा रहा है। नए आवेदक दौड़-भाग कर थक जा रहे हैं, उन्हें ऋण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि धरातल पर उद्यमों की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हो रहा है। ऋण योजनाओं पर बैंकों का नियम भारी पड़ रहा है। प्रगति दिखाने के लिए उद्योग विभाग ने भी सुलभ रास्ता अख्तियार कर लिया है। वह यह कि बैंक जिन कारोबारियों के ऋण प्रस्ताव को स्वीकार करता है उसी को पात्र करार देकर विभाग सब्सिडी का धन अवमुक्त कर देता है। सभी ऋण योजनाओं की प्रगति इसी आधार पर है। बैंकों की अर्हता पूरी न करने वाले आवेदकों को इन योजनाओं का लाभ मिलना मुश्किल है।
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एक जनपद-एक उत्पाद में 60 लोग हुए निराश
पिछले साल एक जनपद-एक उत्पाद ऋण योजना में 60 आवेदकों को निराश होना पड़ा। विभिन्न बैंकों की ओर से इनके ऋण संबंधी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना में केवल 41 लोग पात्र मिले। उनमें 79 लाख रुपये सब्सिडी वितरित की गई। कागजों में विभाग का यह आकड़ा लक्ष्य से अधिक है। लेकिन वास्तव में लाभान्वित लोगों में से अधिकांश पुराने कारोबारी है, जिनका बैंकों से तालमेल बेहतर रहा है। इस योजना में 25 प्रतिशत मार्जिन मनी की छूट अनुमन्य है। अधिकतम 20 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है।
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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 192 आवेदन निरस्त
वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 192 आवेदन निरस्त किए गए। इसमें अधिकांश आवेदन नए लोगों के थे। जो बैंकों के मानक पर खरे नहीं उतरे। हालांकि विभागीय रिपोर्ट में इस योजना में भी लक्ष्य से अधिक ऋण वितरति हुआ है। 108 लोगों में 187.07 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में वितरित हुए हैं। इस रिपोर्ट की आड़ में प्रत्येक साल सच्चाई गुम हो जाती है। असलियत में विभाग ऋण संबंधी प्रस्ताव को भले ही स्वीकार कर बैंकों को प्रेषित कर दें, लेकिन बैंक की सहमति के बगैर लाभ मिलना संभव नहीं हैं।
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ऋण योजनाओं की पात्रता
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना या फिर एक जनपद-एक उत्पाद ऋण योजना में पात्रता लगभग एक जैसी हैं। इसमें दो प्रवृत्ति के कार्य होते हैं। एक सेवा क्षेत्र जैसे ढाबा, होटल, मरम्मत कार्य, कारीगरी आदि और दूसरा निर्माण इकाई की स्थापना। जैसे दोना पत्तल, राइस मिल, गमला, जाली, इंटरलाकिंग ईंट आदि का उत्पादन। इन योजनाओं में 18 से 40 आयु वर्ग के लोग ऑनलाइन आवेदन करते हैं। उद्योग बंधु समिति की ओर से उनका साक्षात्कार होता है। उसके आधार पर आवेदकों का ऋण प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है। लेकिन बैंकों में पहुंचने के बाद यह फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाती है।

ये हैं बैंकों के नियम
योजनाओं से संबंधित ऋण आवेदन हो या सीधे बैंकों में आने वाला आवेदन कर्ज देने के नियम एक जैसे हैं। आवेदक का बैंक प्रोफाइल बेहतर होना चाहिए। यानी ऋण धनराशि के अनुकूल से बैंक लेनदेन का ग्राफ भी होना चाहिए। इसके अलावा तीन साल का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल होना अनिवार्य है। यह किसी रोजगार परक व्यक्ति के लिए ही संभव है। सबसे अहम नियम यह कि ऋण धनराशि की तुलना में दो से तीन गुना कीमत की प्रापर्टी बैंक में बंधक रखनी होगी और उसी हैसियत का एक गारंटर भी अनिवार्य है। इन्हीं मानकों पर नए आवेदक फेल हो जाते हैं। उनके पास इनकम टैक्स रिटर्न का ब्योरा नहीं होता है और बंधक रखने योग्य प्रापर्टी नहीं होती है।

यूं पूरी कर ली है जाती हैं योजना की प्रगति
जानकार बताते हैं कि पुरानी फर्मों के जरिए विभिन्न कारोबारों से जुड़े लोगों का ऋण आवेदन शामिल कर लिया जाता है। उनके पास दिखाने के लिए कारोबार रहता है और आईटीआर, बंधक योग्य प्रापर्टी और लेनदेन संबंधी बैंकों के सभी मानक को भी वे पूरा करते हैं। ऐसे आवेदकों के ऋण को स्वीकृत करने में बैंकों को कोई आपत्ति नहीं होती हैं। विभाग इन्हीं के नाम सब्सिडी धनराशि अवमुुक्त कर अपनी पीठ थपथपा लेता है।

दो साल पहले किए थे आवेदन, नहीं मिला ऋण
रुधौली क्षेत्र के रहने वाले महेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत हमने पानी की फैक्ट्री लगाने के लिए आवेदन किया था। जिला उद्योग केंद्र से मेरा प्रस्ताव स्वीकार भी किया गया। लेकिन आईटीआर और बंधक योग्य प्रापर्टी न होने से मेरे आवेदन को बैंक ने निरस्त कर दिया था। इसी तरह कुदरहा क्षेत्र के संतोष कुमार ने बताया कि उनकी स्वीकृत फाइल भी बैंक में निरस्त कर दी गई थी क्योंकि उनका नियम पूरा कर पाना बिल्कुल नए आवेदक के लिए संभव नहीं है। अब हमने इन योजनाओं के तहत ऋण लेने का प्रयास ही करना बंद कर दिया है।

हर साल ऋण योजनाओं में आवेदन मांगे जाते हैं। साक्षात्कार के आधार पर फाइलों को स्वीकृति मिलती है। बैंक अपने स्तर से तहकीकात कर ऋण अवमुक्त करता है। जिन्हें कोई आपत्ति होती है वह उद्योग बंधु की बैठक में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -हरेंद्र कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र, बस्ती।
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बैंक के मानक को न पूरा करने वाले लोगों के लिए मुद्रा लोन योजना है। इसके तहत छोटे कारोबार के लिए ऋण अवमुक्त किया जाता है। इसके अलावा जो लोग किसी उद्योग के लिए प्रशिक्षण लेकर आते हैं, उन्हें भी ऋण दिया जाता है। -आरएन मौर्य, प्रबंधक, अग्रणी बैंक, बस्ती।
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