सच्चिदानंद प्रकरण : छत्तीसगढ़ की पीड़िता ने न्यायालय में बताई आपबीती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आश्रम में साध्वियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में सच्चिदानंद व अन्य पर दर्ज केस में छत्तीसगढ़ की पीड़िता के बयान पर आरोपी की तरफ से लंबी जिरह की गई। सत्संग में हजारों की भीड़ के सामने प्रवचन करने के बारे में पूछा गया। पीड़िता ने न्यायालय को बताया कि उसे स्वामी जी जो समझाए रहते थे, वही बात वह मंच से कहती थी। जिरह पूरी न होने की दशा में एक अप्रैल को अगली तारीख तय की गई है।
साध्वियों के यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी कथित बाबा सच्चिदानंद पर दर्ज मामलों की चार फाइलों में आरोप तय किया जा चुका है। जिसमें पीड़िताओं का बयान कराया जा रहा है। पहले
14 मार्च को बयान दर्ज कराया जाना था। मगर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत में पीड़िता की तरफ से मोहलत का प्रार्थनापत्र दिया गया। कहा गया कि उसकी तबियत ठीक नहीं है, इसलिए गवाही दर्ज कराने के लिए न्यायालय में उपस्थित होने में अस्मर्थ है। ऐसे में न्यायालय ने गवाही के लिए 19 मार्च की तारीख तय की गई थी। 19 और 20 मार्च को गवाही व जिरह हुआ।
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यह है मामला
- दिसंबर 2017 में यौन शोषण का मामला तब प्रकाश में आया था, जब आश्रम से कुछ युवतियों को धक्के मारकर निकाल देने का आरोप लगाया। तत्कालीन एसपी संकल्प शर्मा के निर्देश पर सच्चिदानंद के अलावा उसके तीन शिष्यों परमचेतानंद, विश्वासानंद, ज्ञान वैराग्यानंद तथा दो मुख्य सेविकाओं पर 2009 से लगातार यौन शोषण व गैंगरेप का केस दर्ज किया गया। बाद में झारखंड की ही एक अन्य पीड़िता ने इन्हीं आरोपों में एक और केस कराया।