- जिरह पूरी न होने की स्थिति में न्यायालय ने तय की मंगलवार की तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साध्वियों का यौन शोषण करने के मामले में सोमवार को पीड़िता की गवाही पर लंबी बहस चली। छत्तीसगढ़ की पीड़िता के बयान पर आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह किया। जिसमें पीड़िता का सेल्हरा गांव के आश्रम की गतिविधियों, वहां के कल्पनाथ चौधरी और उनके परिवार के बारे में सवाल किए गए। पीड़िता ने न्यायालय में बयान के बाद बताया कि उसने सभी सवालों का वाजिब जवाब दे दिया है। अभी जिरह पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने आगे की जिरह के लिए मंगलवार की तारीख लगाई है।
पीड़िता ने बताया कि सेल्हरा आश्रम के बारे में उसने न्यायालय को बताया कि वह आश्रम लगभग 12-13 साल पुराना है। उस आश्रम में मैं जाती थी, एक दो दिन रूकती थी और फिर चली जाती थी। यह कहना गलत है कि इस मुकदमा को लिखवाने के बाद मैं उसी आश्रम में रह रही थी। मुकदमा लिखाने के बाद मैं सेलरा ग्राम में रह रही थी न कि आश्रम में रह रही थी। सेल्हरा गांव के तपस्यानंद के बारे में भी पूछा गया, जो अब सच्चिदानंद के करतूतों के कारण खिलाफ हो गया है।
बता दें कि साध्वियों के यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी कथित बाबा सच्चिदानंद पर दर्ज मामलों की चार फाइलों में आरोप तय किया जा चुका है। जिसमें पीड़िताओं का 12 मार्च की तारीख से बयान कराया जा रहा है। 19 और 20 मार्च को गवाही व जिरह के बाद एक अप्रैल की तारीख दी गई थी।