लोकनायक जयप्रकाश नारायण आश्रम पद्धति विद्यालय
बस्ती। भानपुर में स्थापित लोकनायक जयप्रकाश नारायण आश्रम पद्धति विद्यालय बेसहारा बच्चों के लिए तकनीकी व बेहतर शिक्षा का हब बन गया है। समाज कल्याण विभाग ने इस विद्यालय को आधुनिक संसाधनों से लैस कर बच्चों के लिए उपयोगी बना दिया है।
गरीब व असहाय बच्चों के अध्ययन के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने भानपुर में आश्रम पद्धति विद्यालय स्थापित किया है। तकरीबन दस वर्ष पहले बने इस 480 बेड वाले विद्यालय का भवन साल भर से मरम्मत की राह देखने लगा था। यहां चहारदीवारी व भवन के प्लास्टर उखड़ने लगे थे और वायरिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। यहां के फर्श भी टूटने लगे थे और लंबे समय से रंगाई पुताई भी नहीं हो सकी थी। मंत्री व अधिकारियों के निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने इसके जीर्णाेद्धार के लिए समाज कल्याण निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी थी। तत्कालीन अधिशासी अभियंता इं. सत्यप्रकाश सिंह ने असिस्टेंट इंजीनियर विजय सहाय की अगुवाई में अवर अभियंताओं की टीम से सर्वे करवाया था और जीर्णोद्धार का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। करीब छह महीने पहले फरवरी में एक बच्चे का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने पर पूरा जिला प्रशासन का रुख इस आश्रम विद्यालय की ओर हो गया। बेसहारा बच्चों की सुविधा व इस विद्यालय की दुर्दशा को गंभीरता से लेकर तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन ने एपीएन पीजी कॉलेज को पीसीएस व आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं व हरैया में जेईई व नीट जैसी तैयारियों के लिए उपयोगी बनाने वाले जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय को इसकी ओर ध्यान देने का निर्देश दिया। समाज कल्याण विभाग ने धीरे-धीरे करके इसे सुधारने का काम शुरू कर दिया। विभाग ने सीमित संसाधनों से इस विद्यालय का रंगरोगन तो करवाया ही, साथ ही इसे आधुनिक रूप देना शुरू कर दिया। नतीजा यह हुआ कि अब इस विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड से बच्चे अध्ययन कर रहे हैं और यहां टैबलेट रूम की भी स्थापना हो चुकी है। जहां कुल दो दर्जन टैबलेट व 21 सीपीयू वाले कंप्यूटर से बच्चे तकनीकी शिक्षा भी ग्रहण करने लगे हैं। यहां सोलर पैनल स्थापित हो रहा है। विद्यालय की निगरानी दो दर्जन सीसी कैमरों से की जा रही है।
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परिसर में बिछेगी इंटरलॉकिंग
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने बताया कि आश्रम पद्धति विद्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग की तैयारी चल रही है, जिसे बरसात खत्म होते ही बिछवा दिया जाएगा। बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर व असहाय बच्चों के लिए शासन की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और व्यक्तिगत तौर पर भी हर संभव बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।