बस्ती। मौसम की बेरुखी किसानों सहित सभी पर भारी पड़ रही है। तापमान उच्च स्तर होने का असर जनजीवन, बाजार, खेती, मवेशी आदि पर दिख रहा है। मौसम की बेरुखी से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान 29 डिग्री होने के बाद भी राहत नहीं मिली। हल्के बादल होने के कारण सुबह से ही उमस ने लोगों को पसीने से तर-बतर किया।
20 जून से गर्मी से राहत के कयास लगाए जा रहे हैं। संकेत रविवार से दिखने लगे हैं। मौसम विज्ञानियों के पूर्वानुमान के अनुसार दिनभर हल्के बादल छाए रहे। हालांकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर बाजार सूने पड़े रहे। शाम सात बजे के बाद सड़कों पर कुछ चहल-कदमी दिखाई पड़ी। वहीं भीषण गर्मी के कारण दिनभर रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर सूना रहा। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमर नाथ मिश्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने यदि दिशा परिवर्तन नहीं किया तो मंगलवार शाम से गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार दिख रहे हैं।
सब्जियों और धान की बेहन पर गर्मी का असर
सब्जियों और धान की बेहन तेज धूप से झुलसने लगी हैं, जिसका असर पौधों की वृद्धि पर पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकर बताते हैं कि गर्मी और लू का असर इंसानों की तरह फसलों पर भी पड़ता है। तापमान अधिक होने से विकास प्रभावित होता है। इससे सब्जियों का उत्पादन कम हो जाएगा और धान की बेहन सूख जाती है। गर्मी से बचाव का एक मात्र तरीका है कि किसान खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें। हर दूसरे दिन फसलों की हल्की सिंचाई करते रहें।
दुधारू मवेशियों में कम हो रहा दूध का उत्पादन
सल्टौआ के पशुपालक ज्ञानेंद्र कुमार बताते हैं कि गर्मी अधिक होने के कारण मवेशी चारा कम खा रहे हैं और दूध भी कम हो रहा है। डर लग रहा है कि कहीं बीमार न पड़ जाएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एके तिवारी ने बताया कि गर्मी में मवेशी चारा कम खाएंगे और दूध उत्पादन भी कम हो जाएगा। इससे पशुपालक परेशान न हों। उन्हें प्रतिदिन दिन में एक बार अनिवार्य रूप से नहलाएं और डॉक्टर से सलाह लेकर पोषक तत्वों को खिलाएं।
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अघोषित कटौती से नहीं मिली निजात
उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती से राहत नहीं मिल रही है। शहर में दिन हो या रात लोकल फाल्ट के नाम पर खूब कटौती हो रही है। कमोबेश यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। दिनभर बिजली न मिलने से खार खाए उपभोक्ता रात में कटौती से परेशान हैं। बभनान उपकेंद्र के उपभोक्ता प्रिंस, सतीश आदि ने बताया कि लो वोल्टेज की समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रही ऊपर से हर घंटे कटौती ने नाक में दम कर रखा। रविवार को शहर के अमरूबाग, मंगला महाकॉलोनी, करूआ बाग, मंगलबाजार, नहरिया आदि क्षेत्रों में दिनभर अघोषित कटौती चलती रही। शहर के प्रत्येक उपकेंद्र पर औसतन 14 फाल्ट दर्ज किए गए। अधिशासी अभियंता नगरीय मनोज कुमार सिंह ने बताया कि तापमान कम होने के बाद ही लोकल फाल्ट की संख्या में कमी आएगी।