बस्ती। 25 साल पहले परशुरामपुर थानाक्षेत्र के सेहरिया गांव के पास हुई हत्या के मामले में अभियुक्त पिंकू सिंह उर्फ उग्रसेन सिंह को आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
घटनाक्रम के मुताबिक, 30 सितंबर 1998 को तेज प्रकाश निवासी रोहदा थाना परशुरामपुर ने तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि वह रात करीब 11:00 बजे गांव के हजारीलाल, मनकू वर्मा के साथ दुर्गा पूजा देखने जा रहे थे। सेहरिया गांव के सामने पक्की सड़क पर पंकज सिंह, पिंकू सिंह निवासी सेहरिया हम लोगों के सामने अपनी साइकिल खड़ी करके अपशब्द कहने लगे। कहासुनी के बीच दोनों चाकू निकालकर हजारी लाल पर टूट पड़े। उसे चाकू मारकर घायल कर दिया। हम सभी चीखने-चिल्लाने लगे, जिस पर आस-पास के लोगों के आ जाने पर दोनों लोग भाग गये। हजारीलाल को थाना परशुरामपुर पर ले जाते समय रास्ते में ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने एससीएसटी, हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर तफ्तीश की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के पैरवी सेल के मुताबिक ऑपरेशन शिकंजा के तहत की गई पैरवी के चलते विशेष न्यायाधीश एससीएसटी ने पिंकू सिंह उर्फ़ उग्रसेन सिंह पर आरोप सिद्ध होने पर उसको आजीवन कारावास व 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।