महिला की हत्या में दो जेठानियों व ननद को आजीवन कारावास
- सभी पर साढ़े दस-साढ़े दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामायण शर्मा की अदालत ने विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में दोषी पाई गईं दो जेठानियों व ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।इन पर साढ़े दस-साढ़े दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक माह 10 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला फौजदारी शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने अदालत में घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि हर्रैया थाना क्षेत्र के जुड़यीपुर निवासी दीनानाथ ने गांव की निशा पुत्री रोहित के साथ 2016 में प्रेम विवाह किया था। रिश्ते से दीनानाथ के घर वाले संतुष्ट नहीं थे। 21 फरवरी 2017 को रात आठ बजे विवाहिता को मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया गया। 25 दिन जीवन मौत से संघर्ष करने के बाद निशा की 18 मार्च को मौत हो गी। रोहित की शिकायत पर दीनानाथ व उसके भाई घनश्याम, उसकी भाभी सुमन व सुनीता तथा दीनानाथ की बहन अनीता उर्फ रीति के विरुद्ध हर्रैया थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
क्षेत्राधिकारी हर्रैया की विवेचना के बाद व निशा की मृत्यु से पहले दिए गए बयानों के आधार पर सुमन, सुनीता व अनीता के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र दाखिल हुआ। दोनों पक्ष को अपनी अपनी गवाही प्रस्तुत करने का अवसर अदालत ने दिया। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्क सुने गए। सुनवाई के बाद तीनों महिलाओं को निशा की हत्या के लिए दोषी करार देते हुए न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा का सुनाई।