स्पेशल जज एससी एसटी ने दिया आदेश, साक्ष्य के अभाव में कमलेश बरी
ईंट भट्ठे पर काम करता था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्पेशल जज एससी-एसटी कमलेश कुमार ने अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि साक्ष्य के अभाव में कमलेश को बरी कर दिया।
एडीजीसी वीरेंद्र बहादुर सिंह, हयात मोहम्मद ने न्यायाधीश को बताया कि मामला पैकोलिया थाना क्षेत्र का है। यहां के एक गांव की महिला ने एसपी को तहरीर देकर बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी कक्षा 9 की छात्रा है। तीन फरवरी 2007 को स्कूल से लौटते समय बिहार प्रांत के निवासी हनुमंत वर्तमान पता मिश्रौलियाधीश थाना परशुरामपुर बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इसमें बलराज राजभर, कमलेश, सुबोध व संजू भी शामिल हैं।
आरोपी मिश्रौलियाधीश स्थित भट्ठे पर काम करते हैं। मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। पुलिस ने कमलेश व हनुमंत के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियुक्त हनुमंत के उम्र निर्धारण के लिए पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई थी, जो एक नवंबर 2007 को खारिज कर दी गई। दोनों की पत्रावली के गवाह एक होने के कारण न्यायालय ने एक साथ सुनवाई की। पांच गवाहों ने गवाही देकर घटना का समर्थन किया। न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेटियल बयान, मेडिकल रिपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र व गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी हनुमंत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में कमलेश को बरी कर दिया।