बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अनिल कुमार खरवार की अदालत ने हत्या के मामले में आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पिता पर 10 हजार और पुत्र पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला लालगंज थाना क्षेत्र के खड़ौआ गांव का है। घटना पांच साल पहले 10 दिसंबर 2017 की रात आठ बजे की है। वादी शेषराम के अनुसार इस दिन वह भाई शेषनाथ, मगन पुत्र गंगाराम एवं फूलचंद्र पुत्र परमहंस के साथ अपने मामा के घर महादेवा जा रहे थे। जैसे ही वह लोग महादेवा गांव के रहने वाले शिव नरायन पुत्र श्रीचंद्र के घर सामने पहुंचे कि शिव नारायन उनसे बकरी चोरी के मामले को लेकर उलझने लगे। भाई शेषनाथ ने विरोध किया। इसी बीच श्रीचंद्र भी आ गए।
पिता-पुत्र दोनों हमलावर हो गए। चाकू से उनके भाई शेषनाथ पर हमला कर दिया। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से रेफर कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामले में लालगंज पुलिस ने पिता श्रीचंद्र और पुत्र शिवनारायन के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया। बाद में विवेचक ने साक्ष्य संकलन के साथ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।