बस्ती। व्यापारी पुत्र राहुल मद्धेशिया के अपहरण मामले में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के संपत्ति कुर्की का मामला पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। न्यायालय ने 10 जनवरी तक का समय कोतवाली पुलिस को दिया है। मगर, अब तक संपत्तियों का ब्योरा तक पुलिस नहीं जुटा पाई है। शनिवार को कोतवाल चंदन कुमार ने गोरखपुर व लखनऊ के राजस्व विभाग व आरटीओ विभाग को पत्र भेजा है। इसमें पूर्व मंत्री की संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। कोतवाल ने कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार 10 जनवरी से पहले कुर्की की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि ने अपहरण मामले में आरोपी अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश न करने पर कोतवाली पुलिस को फटकार लगाई थी। इसके बाद दो दिसंबर को अमरमणि की त्रिपाठी की संपत्तियों की कुर्की करने का आदेश दिया था। कहा था कि 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख पर अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
इसके लिए न्यायालय ने पुलिस की स्पेशल टीम गठित करने का आदेश दिया था। इस पर अमल करते हुए एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने सात दिसंबर को कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक कृपाशंकर मौर्य, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार, एसओ महिला थाना निधि यादव, एसओजी व स्वाॅट प्रभारी और चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस की नई टीम बनाई गई। टीम के पर्यवेक्षण का जिम्मा सीओ सिटी विनय चौहान को सौंपा गया है।
20 दिसंबर को न्यायाधीश के मौजूद न होने की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई थी और अगली तारीख 10 जनवरी कर दी गई। इससे पुलिस को 20 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया। तब से पुलिस हाथ पैर मार रही है कि अगली सुनवाई की तारीख से पहले वह न्यायालय काे जवाब देने लायक काम कर सके। कोतवाल ने बताया कि न्यायालय में अगली सुनवाई से पहले कुर्की की कार्रवाई कर ली जाएगी।