संवाद न्यूज एजेंसी कप्तानगंज (बस्ती)। लखनऊ से दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन बुधवार की देर रात शव लेकर घर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। रिश्तेदार और पास-पड़ोस के लोग जुट गए।
बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों ने किशोरी के शव का दुबौलिया क्षेत्र पर सरजू नदी के तट पर कटरिया-चांदपुर में अंतिम संस्कार कर दिया। कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है। मामले में जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कप्तानगंज क्षेत्र के एक गांव में किशोरी और गांव के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनो की नजदीकियां काफी बढ़ गई थीं। दोनों के बीच शादी को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। किशोरी घर पर अकेले ही रहती थी।
आरोप है कि एक अक्तूबर की शाम किशोरी के साथ उसके प्रेमी शंकर गौड़ ने दुष्कर्म किया। विरोध करने के बाद उसके ऊपर डीजल डालकर आग लगा दी।
परिवार के लोग उसे सीएचसी कप्तानगंज ले गए। वहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया था। 9 अक्तूबर को परिवार के लोग किशोरी को घर लेकर आए।
12 अक्तूबबर को किशोरी के पिता ने कप्तानगंज थाने पर तहरीर देकर केस दर्ज कराया। इधर किशोरी की हालत अचानक बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग उसे कैली अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर किया था।
परिजनों ने लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। 16 अक्तूबर की सुबह करीब किशोरी की मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर बुधवार की रात घर आ गए थे।्