रेलवे स्टेशन से लेकर घरों में भी लोगों ने लगा रखे हैं पोस्टर
पशु चिकित्साधिकारी बोले- चित्र देकर आदी हो गए हैं बंदर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के कई क्षेत्रों में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। किसी ने घर के खुले हिस्सों को लोहे की जाली से ढक रखा है तो किसी ने चहारदीवारी पर कटीले तार लगा रखे हैं। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए कुछ माह पहले रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में लंगूर के बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए थे, लेकिन बंदरों पर इसका प्रभाव कम होता दिख रहा है।
शहर के पुरानी बस्ती, राडवेज, कंपनी बाग, सिविल लाइंस, तुर्कहिया आदि क्षेत्र में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। इससे बचाव के लिए तमाम लोगों ने घरों के आगे लंगूर का कटआउट लगा रखे हैं। यह शुरुआत में तो प्रभावी रहा, लेकिन अब इसे देखकर बंदर भाग नहीं रहे हैं। वह लोगों की होशियारी समझ गए हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में लगे लंगूर के पोस्टर अब प्रभावी नहीं रहे।
दिनभर प्लेटफाॅर्म पर बंदर धमा-चौकड़ी करते हुए दिखे जा सकते हैं।। वेंडर अपने दुकान के सामानों की सुरक्षा के लिए डंडा लेकर खड़े रहते हैं। बंदरों के कारण यात्री भी परेशान हैं। बंदर उनका सामान लेकर भाग जाते हैं। पुरानी बस्ती के रहने वाले मनोज गुप्ता ने बताया कि पूरे क्षेत्र में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। अब वह न तो लंगूर के कटआउट से डरते हैं और न ही डंडे से। उल्टा लोगों को दौड़ा लेते हैं।
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कोट
लंगूर से बंदर डरकर दूर भागते हैं। बंदरों के बीच लंगूर का भय इतना होता है कि वह दूर से आवाज सुनकर ही भाग जाते हैं। लंगूर का कटआउट शुरुआत में कुछ हद तक प्रभावी होता है। लेकिन, बंदर बाद में उसके आदी हो जाते हैं।
डॉ. विनायक पांडेय, पशु चिकित्साधिकारी