जिला कारागार में बंद गोंडा जिले का भू माफिया अधिवक्ता बृजेश अवस्थी की बुधवार को मौत हो गई। प्रशासनिक आधार पर उसे गोंडा से 15 दिसंबर 2024 को जिला कारागार में स्थानांतरण पर लाया गया था। जेल अधिकारियों ने बताया कि बृजेश को सुबह अचानक सीने में तेज दर्द उठा और पसीने आने लगे।
आधे घंटे तक जेल अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टर की सलाह पर सुबह करीब सात बजे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां 10: 30 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बृजेश अवस्थी गोंडा का रहने वाला था। उस पर जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी और धमकी देने समेत 43 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे।
पेशे से अधिवक्ता बृजेश अवस्थी अपने मुबाक्किलों की ज़मीन का भी फर्जीवड़ा कर चुका था। कई लोगों को छेड़खानी, दुष्कर्म के आरोप में जेल भिजवाकर वह उनकी ज़मीने अपने या अपने रिश्तेदारों के नाम भी करवा चुका था।
फर्जी बैनामा कराने वाले एक बड़े रैकेट का बृजेश अवस्थी ही सरगना था। उसके साथी अनिल सिंह और राकेश त्रिपाठी की भी गिरफ्तारी हुई थी। तीनों दिसंबर 2024 से ही मंडल कारागार गोंडा में बंद थे और एक साथ ही थे।
शासन ने इन तीनों को अलग-अलग जिलों के कारागार में भेजने का निर्णय लिया। जिसमें बृजेश अवस्थी को बस्ती, अनिल सिंह को बहराइच तथा राकेश त्रिपाठी को बलरामपुर जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया था।