लालगंज। कुआनो व मनवर नदी की संगम स्थली लालगंज में बने पुल के ऊपर से कूदकर जान देने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कस्बे व आसपास गांव के लोगों में चर्चा है कि रामजानकी मार्ग, मुंडेरवा और महुली मार्ग को जोड़ने वाला यह पुल सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है। तीन वर्ष में वहां से पांच लोग नदी में कूद चुके हैं। इनमें चार की मौत हो चुकी है।
एक पहला मामला तीन अगस्त 2021 को लालगंज बाजार निवासी जय प्रकाश पुत्र परमात्मा प्रसाद कसौधन का है। जो मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकल कर कुआनो नदी पर बने पुल से छलांग लगाकर नदी में कूद गए थे। एसडीआरएफ की टीम ने तीसरे दिन नदी के बन्नी गांव के पास से शव निकाला था। दूसरा मामला 21 मार्च 2021 का है। रौतापार की नव विवाहिता ने अपने पति से विवाद के चलते पुल से कूदकर जान देने का प्रयास किया था। हालांकि मौजूद लोगों ने तुरंत ही उसको डूबने से बचा लिया था। तीसरा मामला 27 मार्च 2024 को पुल से कूदकर जान देने का है। हथियावा कला निवासी हेवंती पुत्री रिंकू निषाद आठवीं में पढ़ती थी। अपने घर से 2 किलोमीटर पैदल चलकर पुल से नदी में कूदकर जान दे दी थी। चौथा मामला 11 अप्रैल 2024 को चौबाह गांव निवासी संतोष कुमार पुत्र छोटाई ने पत्नी से पारिवारिक कलह के कारण नदी में कूदकर जान दी थी। 18 जुलाई को लालगंज बाजार निवासी सुरेन्द्र सोनी पुत्र श्रीकांत सोनी ने भी पुल से छलांग लगाकर जान दे दी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लालगंज बाजार के कुआनो नदी पर बने पुल से अवसाद ग्रस्त लोग नदी में कूद कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं। हर साल इस पुल से दो से तीन लोग नदी में कूदकर जान दे रहे हैं। संवाद
पुल के ऊपर जाली लगाने की मांग
- लगातार हो रही घटनाओं को देखकर कस्बे के लोगों ने पुल के दोनों तरफ ऊंची जाली लगवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इसी तरह अमहट घाट पर बने पुल के ऊपर से आए दिन कूदकर जान देने की घटनाएं होती थीं। मगर जब से वहां जाली लगा दी गई तब से घटना बंद हो गई।