सीएचसी बने गुजर गए ढाई साल, महिला डॉक्टर व स्टाफ नर्स ही नहीं
सल्टौआ/बस्ती। निर्माण के ढाई साल बाद भी सीएचसी अमरौली शुमाली में महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हो सकी। करीब 30 बेड का यह अस्पताल महज दो डॉक्टरों के भरोसे संचालित किया जा रहा है।
क्षेत्र के गर्भवतियों व प्रसूताओं को जिला महिला अस्पताल मजबूरन जाना पड़ रहा है जिससे आने जाने में उन्हें दिक्कतों व अधिक खर्च का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक लाख की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए ढाई साल पहले 4.92 करोड़ की लागत से सीएचसी का निर्माण कराया गया था। इस अस्पताल का लोकार्पण सीएम योगी आदित्यनाथ ने 21 नवंबर 2019 को किया था।
अस्पताल में महिला, दंत रोग, आयुष, होम्योपैथिक व आंख के डॉक्टर का पद सृजित हैं। इनके लिए ओपीडी कक्ष का भी निर्माण कराया गया है। लेकिन, चिकित्सक न होने के कारण कमरों में ताला बंद है। अस्पताल में संविदाकर्मी एएनएम भारती कुमारी और सुधा गौड़ की तैनाती है। इनके द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। सीएचसी में मरीजों की जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन व डार्क रूम सहायक की तैनाती है। लेकिन, जांच के लिए मशीनें नहीं हैं।
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हफ्ते भर में हो जाएगी डॉक्टरों की तैनाती
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार मिश्रा ने बताया चिकित्सकों की कमी के बारे में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया है। हफ्ते भर में चिकित्सकों की तैनाती का आश्वासन मिला है।