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Basti News: लेनदेन के विवाद में मजदूर की गला घोंटकर हत्या

Sat, 31 Aug 2024 03:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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कोठवा भरतपुर में हत्या के बाद विलाप करते संतोष कुमार के परिजन।
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कंपोजिट विद्यालय के पास बाग में मिला शव
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नगर थाना क्षेत्र के कोठवा भरतपुर गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार (बस्ती)। नगर थाना क्षेत्र के कोठवा भरतपुर निवासी मजदूर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उसका शव गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय से कुछ दूरी पर बाग में मिला। परिवार के लोगों का कहना है कि बृहस्पतिवार शाम को गांव के दो लोग संतोष को साथ लेकर गए थे। वह दोनों घर लौट गए, लेकिन वह नहीं पहुंचा। संतोष के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पर हत्या का केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि लेनदेन को लेकर उनमें विवाद था।
सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी, थाना प्रभारी नगर देवेंद्र सिंह व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। एसपी ने बताया कि दो आरोपियों पर नामजद केस दर्ज किया गया है। दोनों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठवा भरतपुर के कुछ लोग शुक्रवार की सुबह बकरी चराने गए थे। सड़क के बगल स्थित बाग में एक युवक का शव देखकर शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के तमाम लोग आ गए। किसी ने इसकी सूचना नगर पुलिस को दे दी। सूचना पाकर मौके पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गयी। गांव की निराला देवी ने शव की शिनाख्त 30 वर्षीय पति संतोष कुमार चौहान के रूप में की।
संतोष के गले पर कसने का निशान था व जुबान बाहर निकली हुई थी। वह जिंस पैंट पहने हुए था। थोड़ी दूर पर अलग-अलग जगह पर चप्पल पड़ा था। पोस्टमार्टम में गला कसकर हत्या की पुष्टि हुई है। संतोष कुमार चौहान की मौत से उनके परिजनों में कोहराम मचा है। पत्नी निराला देवी व बेटे विकास, विशाल व अभिषेक का रो,रोकर बुरा हाल था।
संतोष के बेटे विकास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि बृहस्पतिवार की शाम को गांव के चंदू व राकेश उसके पिता को साथ ले गए थे। दोनों देर शाम वापस अपने घर आ गए, लेकिन पिता जब देर रात तक वापस नहीं आए तो हम लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। सुबह बकरी चराने वाले लोगों ने उनका शव देखकर शोर मचाया तब हम लोगों को जानकारी हुई।
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राजगीर का काम करते थे संतोष
संतोष कुमार चौहान घर-परिवार चलाने के लिए राजगीर का काम करते थे। उन्हीं की कमाई से घर का खर्च चलता था। बृहस्पतिवार को भी वह खलीलाबाद राजगीर का काम करने गए थे। शाम छह बजे जब काम से लौटे तो राकेश व चंदू अपने साथ ले गए।
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