रेलवे स्टेशन के पास घायल अवस्था में मिले मजदूर की मेडिकल कालेज लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई। उसकी पहचान मुंडेरवा थानाक्षेत्र के ऊंचगांव जमोहे निवासी धर्मराम के रूप में हुई। वह किस तरह की चोट से घायल हुआ था, इसे लेकर पुलिस को कई तरह का संदेह है। आशंका है कि उसे मारपीट कर किसी ने छोड़ दिया था। घटना के बाद से पत्नी लापता बताई जा रही है। पोस्टमार्टम में उसका एक हाथ कटकर अलग पाया गया। सिर में भी कई जगह टांके लगे पाए गए। एसएचओ अरविंद कुमार शाही ने बताया कि अभी परिवार के लोगों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
मुंडेरवा थाने के ऊंचगांव जमोहे निवासी धर्मराज (40) मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार शाम को अपनी पत्नी मीरा के साथ साइकिल से घर से निकले थे। रात करीब आठ बजे वह जीआरपी को घायल अवस्था में मिले थे। जीआरपी ने एंबुलेंस से उनको जिला अस्पताल भेजा। हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर कर दिया।
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात में ही रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। तब तक पहचान नहीं हो पाई थी। ऐसे में कोतवाली पुलिस ने शव को मर्चरी में रखवा कर पहचान कराने का प्रयास करने लगी। मंगलवार को धर्मराज के परिवार के लोगों के पास उसके साढू ने फोन करके बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। पिता, लड़के व परिवार के अन्य लोग मुंडेरवा थाने पहुंचे तो वहां जानकारी नहीं हुई। इस बीच एक अज्ञात का शव मर्चरी में रखे जाने के बारे में बताया गया। वहां जाने पर पहचान हुई। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।