छावनी। क्षेत्र के रामरेखा मंदिर परिसर में पितरों के निमित्त श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. धर्मेंद्र धर द्विवेदी ने रोचक कथा सुनाई। कहा कि जब उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु की भगवान ने ब्रह्मास्त्र से रक्षा की तो सारे पांडव भगवान के श्री चरणों में साष्टांग प्रणाम किया। कहा कि भगवान छोटों को आशीर्वाद देते हैं और बड़ों को स्वयं प्रणाम करते हैं। आगे बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी बुआ कुंती को कुछ मांगने के लिए कहा। कुंती ने कहा कि प्रभु मुझे संसार के सारे दुख दे दो। क्योंकि दुख में आपकी याद हमें आती रहेगी। हमारे हर दुख में आप खड़े रहिए, हमें सुख नहीं चाहिए। संवाद