अपहृत बताई जा रही किशोरी ने गांव के प्रधान पर लगाया आरोप
मोहरा बनने से इन्कार करने पर की गई सामूहिक दरिंदगी
अपहृता बता रही छह बिस्वा जमीन पर है जालसाजों की नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र में सामने आए किशोरी के अपहरण और कथित तौर पर सामूहिक दरिंदगी की घटना के पीछे जमीन कब्जा करने का षड्यंत्र सामने आ रहा है। अपहृत बताई जा रही किशोरी ने बताया कि जिस पर उसके अपहरण करने का केस कराया गया है, उसकी सड़क के किनारे छह बिस्वा जमीन पर ग्राम प्रधान की नजर है। जमीन हासिल न कर पाने की खुन्नस में उसने मेरी मां को प्रभाव में लेकर यह केस दर्ज करा दिया।
किशोरी का आरोप है कि कई महीने से ग्राम प्रधान उस पर कृष्ण चंद्र को फंसाने का दबाव बना रहा था। कह रहा था कि किसी तरह उसे फर्जी फंसाओ। इसके बाद सुलह-समझौता के लिए वह जमीन मांग लेना। बाद में वह जमीन हमें दे देना और हम तुम्हें एक-डेढ़ लाख रुपये दे देंगे। पीड़िता का आरोप है कि जब वह इसके लिए तैयार नहीं हुई तो उसके साथ सामूहिक दरिंदगी की गई। साथ ही, मां को झांसे में लेकर मेरे ही अपहरण का आरोप लगाकर कृष्ण चंद्र पर केस करवा दिया।
किशोरी का कहना है कि उसे सुरक्षा की गारंटी दी जाए तो न्यायालय में सारी बात बताएगी। इस मामले में पुलिस का कहना है कि किशोरी के मिलने के बाद उसका न्यायालय में बयान और मेडिकल कराया जाएगा। उसके बयान के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की मां ने थाने में तहरीर देकर कहा है कि उसकी बेटी को कुछ लोगों ने अपहृत कर लिया है। तहरीर में किशोरी की मां ने लिखा है कि पांच अक्तूबर को दोपहर करीब 12 बजे कृष्ण चंद्र यादव और आलोक यादव उसकी बेटी को बोलेरो में बैठाकर भगा ले गए। उसने यह बात ग्राम प्रधान को बताई तो ग्राम प्रधान ने 1090 पर सूचना दी। बाद में थाने में तहरीर दी गई। लालगंज पुलिस का कहना है कि शाम 6:10 बजे किशोरी की मां ने सूचना दी जिसके आधार पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया।
उधर, किशोरी का कहना है कि पांच अक्तूबर को सुबह करीब पांच बजे वह नित्यक्रिया के लिए खेत में गई थी। जहां उसके साथ पहले से घात लगाए बैठे दो आरोपियों ने सामूहिक दरिंगदी की गई। वह इसकी शिकायत करने ग्राम प्रधान के पास उनके घर गई तो उसे धमकी देते हुए भगा दिया गया। इसके बाद गांव के कृष्ण चंद्र और आलोक के साथ वह बस्ती पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में प्रार्थनापत्र देने आ गई। एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में उसने लिखा है कि जब प्रधान को पता चला कि वह शिकायत करने पुलिस के पास गई है तो उन लोगों ने मां से अपहरण की तहरीर दिलवा दी।