-नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं... प्रतापपुर में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन खेली गई अवध की होली
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहादुरपुर ब्लॉक के प्रतापपुर में चल रही कथा के अंतिम दिन कथा व्यास काशी के व्याकरणाचार्य आचार्य धीरज भाई ने कहा कि दुनिया में भक्तों की कतार में केवट सबसे आगे हैं। अंत में भगवान ने केवट को अपनी नवधा भक्ति का वरदान देकर कृतार्थ किया। भरतद्वाज आश्रम, गंगा दर्शन कथा के बीच तीर्थराज प्रयागराज का महात्म्य बताया। सुख सागर रघुवर सुख पावा....।
भारद्वाज आश्रम से मार्ग पूछा। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं। वहां से चित्रकूट की यात्रा पर प्रभु आगे बढ़ते हैं। वाल्मीकि जी से रहने का स्थान पूछा तो वाल्मीकि जी ने कहा कि प्रभु ऐसा कोई स्थान बता दो, जहां आप न हों। आग्रह करने पर वाल्मीकि जी ने 14 स्थान बताया कि इन स्थानों पर आपको रहना चाहिए। चित्रकूट गिरि करहु निवासू, जहं तुम्हार सब भांति सुहासू...।
इससे पहले मुख्य यजमान अजीत सिंह, प्रधान पिंकी सिंह, अध्यक्ष अंबिका सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र पांडेय एडवोकेट, कोषाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, महामंत्री ओम प्रकाश सिंह, डा. नवी हसन अंसारी, व्यवस्थापक संतोष सिंह, सुनील सिंह, अंबरीश उपाध्याय, अजीत सिंह कोके, नागेंद्र सिंह आदि कमेटी के सदस्यों ने व्यासपीठ का पूजन किया।
कथा व्यास ने दशरथ शोक-मरण, भरत का ननिहाल से वापस आने की कथा सुनाई। कहा कि यश और अपयश सब भी विधाता के हाथ होती हैं। इसी क्रम में भरत मिलाप, सूर्पणखा, खर-दूषण वध से लेकर सीता हरण, जटायु उद्धार, सुग्रीव मित्रता, हनुमान जी का समुद्र पार करना, अशोक वाटिका, लंका दहन, मेघनाद वघ, रावण वध तक की कथा सुनाई। अंत में श्रीराम का राज्याभिषेक और अवध की होली उत्सव मनाया गया।