महादेवा (बस्ती)। शनिवार देर शाम बनकटी क्षेत्र से होकर गुजरने वाला महुली राजबाहा पिपरा और पगार गांव के बीच कट जाने से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। बारिश का पानी तो खेतों में भरा ही था। राजबाहा कटने के चलते करीब 300 बीघा खेत पानी में डूब गया है। किसान इसका कारण नहर पर पुलिया निर्माण को बता रहे हैं। खड़ौहा गांव के किसान बुधिसागर उपाध्याय व घनश्याम कहते हैं कि समय से पुल निर्माण न होने के कारण आठ बीघा धान की रोपाई का कार्य बाधित हो गया है। अब समझ में नहीं आ रहा है कि आगे क्या होगा।
पिपरा गांव के किसान वीरेंद्र दुबे मुरलीधर मिश्र, राम मिलन यादव बताते हैं कि राजबाहा कट जाने के बाद नहर का सारा पानी खेतों में आ जाने से इस बार धान की रोपाई नहीं हो पाएगी, जबकि जरई भी तैयार है। महादेवा गांव के रामकिशोर चौधरी व रामकिशुन बताते हैं कि नहर विभाग की लापरवाही के चलते हर वर्ष एक फसल ही हो पाती। धान की खेती यहां मुश्किल हो गई है। विभागीय लापरवाही के चलते नहर अभिशाप साबित हो रही है।
एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मामला संज्ञान में है। नहर खंड के अधिकारियों को कटे राजबाहा को बंधवाने का निर्देश दिया गया है।