संसाधन भरपूर, विशेषज्ञ व टेक्नीशियन का इंतजार
बस्ती। मेडिकल कॉलेज में एक के बाद एक मशीनों को स्थापित कर इसे अत्याधुनिक बनाने की कवायद की जा रही है। मगर, इन मशीनों के संचालन के लिए जरूरी तकरीबन सौ टेक्नीशियन की भर्ती पिछले दो साल से नहीं हो सकी है। नतीजतन ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य मशीनों का संचालन जैसे-तैसे किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने तकनीशियन की नियुक्ति के लिए कई पत्राचार किए हैं, फिर भी तैनाती नहीं हो सकी है।
कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली ने खूब मेहनत की। प्रशासन के संस्तुति पर यहां बच्चों व वयस्कों के लिए अलग-अलग वेंटीलेटर स्थापित किए गए। करीब 90 वेंटीलेटर यहां कोरोना कॉलेज में आउट सोर्सिंग के तकनीशियनों के दम पर संचालित था, मगर कोरोना कॉल के बाद आउट सोर्सिंग कर्मियों को छुट्टी दे दी गई। इसके बाद से तमाम संसाधनों के संचालन में बाधा आ गई है। यहां स्थापित तीन आक्सीजन प्लांटों को संचालन के लिए प्राचार्य ने व्यवस्था बनाकर कर्मियों को प्रशिक्षित कराया, जिससे जरूरत पर प्लांटों को संचालित किया जा सके, मगर वेंटीलेटर व अन्य संसाधनों के संचालन को तकनीशियन के बगैर चलाया नहीं जा सकता है। वेंटिलेटर संचालन के लिए करीब 30 तथा ऑक्सीजन प्लांट के लिए 18 ऑपरेटरों की जरूरत है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी इस काम को कर सकते हैं। इतना प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह जरूर है कि यहां ऑक्सीजन प्लांट व वेंटिलेटर के लिए तकनीकी हाथ नहीं हैं। शासन को पत्र लिखा गया है।