- नवनिर्मित लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे थे मंत्री
- अधिशासी अभियंता, एई, जेई व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में शनिवार को नवनिर्मित लोलपुर विक्रमजोत तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाए गए स्पर व लांचिंग एप्रन का जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निरीक्षण किया। लांचिंग अप्रन के पत्थरों में मंत्री के पैर फंस गया और खून निकलने लगा। इससे स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने उन्हें सहारा देकर बाहर निकाला। उन्होंने परियोजना की मॉनिटरिंग में लगे सभी अधिकारियाें पर कार्रवाई के निर्देश अधीक्षण अभियंता को दिए।
दरअसल, सरयू नदी का जलस्तर उफान पर है। निरीक्षण के दौरान ही बारिश शुरु हो गई। मंत्री हाथ में छाता लेकर स्पर पर बिछाए गए बोल्डर और अप्रन का जायजा लेने निकल गए। वह बोल्डरों को देखने के लिए धारा के करीब जाने लगे तभी बालू व मिट्टी पर बिछाए गए बोल्डर पर मंत्री का पैर पड़ा और बोल्डर धंस गया। मंत्री नदी में गिरते-गिरते बचे। हालांकि, उनके दाएं पैर में चोट लग गई और खून निकलने लगा। वह लांचिंग अप्रन को अधो मानक बताकर अधिकारियों पर भड़क गए और अपने सामने ही फीता लेकर स्पर के स्लोब व उसकी लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई की माप कराने लगे। उन्होंने अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र मोहन वर्मा को निर्देश दिया कि ठेकेदार और निर्माण कार्य देख रहे अभियंताओं व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर अवगत कराएं। मौके पर हर्रैया अजय सिंह, अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार, एसडीओ हरिश्चंद्र, यासीन अंसारी, धर्मेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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अवर अभियंता को आधे घंटे तक लगाई फटकार
- मंत्री ने छोटे पत्थरों के टुकड़ों का लांचिंग अप्रन में प्रयोग देखकर अवर अभियंता प्रदीप कुमार पर भड़क गए। उन्होंने अवर अभियंता से पूछा कि क्या सभी बोल्डर औसत 40 किग्रा के हैं। जेई ने हां में सिर हिलाया तो मंत्री बोले की उठाकर दिखाओ। इस पर जेई की बोलती बंद हो गई। उन्होंने स्पर व लांचिंग अप्रन निर्माण में बोल्डरों की कमी, अधोमानक, तटबंध की सुरक्षा में मानकों अनदेखी और परियोजना में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब आधा घंटे तक फटकार लगाई।
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अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी पर कार्रवाई का निर्देश
- पैर में चोट लगने से खफा जल शक्ति मंत्री ने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहे अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता पर कार्रवाई कर अवगत कराएं। इसके अलावा ठेकेदार पर भी कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि जनहित के कार्यों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।