बस्ती। यूं ही नहीं बना बस्ती का थीम सांग.. नगर ये हैं खास, है नाम इसका बस्ती। वक्त- वक्त पर यह गीत ठीक अपनी तरह तस्वीर भी पेश करता है। कला, चित्रकला, नृत्स, संगीत, निबंध, खेल जब जैसी भी बारी आई दूर तक महक उठती है बस्ती की माटी। मेधावियों की सतरंगी छटा से संवरा सांसद खेल महाकुंभ का पहला दिन बुधवार को इसका साक्षी भी बना। भाजपा के राष्ट्रीय मुखिया और सूबे के मुख्यमंत्री के आगमन पर बस्ती का यह थीम सांग एक से बढ़कर एक सजीव उदाहरण भी पेश करता गया। यहां उपस्थिति हर किसी के मानस पटल पर कुछ हो न हो यह जरूर उकेर उठा कि बस्ती की माटी में कुछ तो दम है तभी तो यह खास है।
शहीद सत्यवान सिंह के नाम क्षेत्रीय क्रीड़ांगन जिला स्तरीय सांसद खेल महाकुंभ का आगाज पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, रंगमंच के कलाकारों, जनप्रतिनिधियों और आमजन से भर गया था। मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मुखिया, मुख्यमंत्री और प्रदेश मुखिया के आगमन से पूर्व ही आयोजन ने भव्यता की ओर उड़ान भरनी शुरू कर दी। खिलाड़ी, शिक्षक, कलाकार, विद्यार्थी, बड़े और बच्चों का अद्भुत मेल देखते बन रहा था। उमंग, उल्लास, उत्साह की छटा ग्राउंड से लेकर दीर्घा तक बिखरी हुई थी। बाल कलाकारों की प्रस्तुति शुरू हुई तो भीड़ उनकी मंत्रमुग्ध होती चली गई। बीच- बीच में बस्ती की माटी बस्ती का दम, आओ मिलकर खेले हम.. नारे की गूंज कार्यक्रम को और ऊंचाई देती गई। मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बहार आ गई। जीरो से हीरो हुए विश्व गुरु पहचान.. गीत पर बच्चों ने नृत्य का मंचन कर देश भक्ति का माहौल सृजित किया। वहीं अलग- अलग टोलियों ने कर्ण प्रिय गीतों पर नृत्य पेश किया तो भीड़ ने देर तक तालिया बजाई। माहौल तब और उत्कर्ष पर पहुंचा जब बस्ती थीम सांग नगर ये हैं खास, है नाम इसका बस्ती.. पर बच्चों ने सामूहिक रूप से नृत्य कला का प्रदर्शन किया। स्टेडियम में होनहारों, मेधावियों की नई उड़ान का उछाल देख आम खास सभी इस गीत को सजीव प्रस्तुति के साथ मानस पटल पर उतारने को विवश हुए।
उद्घाटन के समय आसमान में बिखरा भारतीय रंग
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, सांसद हरीश द्विवेदी, प्रभारी मंत्री राकेश सचान, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल, एमएलसी सुभाष यदुवंश, विधायक हर्रैया अजय सिंह एवं पार्टी पदाधिकारी जैसे ही खिलाड़ियों से मिलने के लिए मंच से उतरे तो स्टेडियम में जगह- जगह विशेष किस्म की आतिशबाजी हुई। इसके कुछ ही देर बाद आसमान में तिरंगे का रंग छा गया। भीड़ ऊपर का नजारा देखने लगी।
दूर से ही कार्यक्रम का संकेत दे रहे थे गगनभेदी गुब्बारे
स्टेडियम परिसर के बाहर से ही बड़े आयोजन का संकेत हवा में सांसद खेल महाकुंभ लिखा हुआ दीर्घ आकार के एयर बैलून दे रहे थे। परिसर में आधा दर्जन एयर बैलून सभी दिशाओं में उड़ाए गए थे। ताकि दूर से नजर दौड़ाने पर लोगों को कार्यक्रम स्थल का पता चल सकें।
स्टेडियम के चारों तरफ नुक्कड़ नाटक की थी व्यवस्था
स्टेडियम के चारों तरफ नुक्कड़ नाटक के तर्ज पर कलाकारों के मंच सजे हुए थे। यहां नृत्य, संगीत के माध्यम से कलाकार आने जाने वाले नागरिकों को खेल महाकुंभ के आयोजन से परिचित करा रहे थे। सुभाष चौक, तहसील के मुख्य प्रवेश द्वार और शास्त्रीय चौक पर इन कलाकारों के नुक्कड़ मंच आकर्षण का केंद्र बने रहे। इसके अलावा प्रेस क्लब के निकट हनुमान जी का स्वरूप धारण कर कुछ कलाकार कार्यक्रम का बखान करते नजर आए।