बस्ती। बिजली निगम उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। बिल में गड़बड़ी की शिकायत लेकर उपभोक्ता निगम के हर संभव फोरम तक पहुंच रहे हैं। मगर, अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। मामूली सी गड़बड़ी के चलते कोई डेढ़ तो कोई दो साल से कार्यालयों का चक्कर लगा रहा है।
बिजली उपभोक्ताओं का स्टोर रीडिंग के नाम पर शोषण किसी से छिपा नहीं है। कभी मीटर लेजर न करने तो कभी बिल में मामूलीगड़बड़ी होने पर उन्हें परेशान होना पड़ता है। ये गड़बड़ियां निगम के स्तर से की जाती हैं। इसमें उपभोक्ताओं का कोई दोष नहीं होता है। फिर भी उन्हें परेशान होना पड़ता है। आलम यह है कि कई उपभोक्ता अधिकारियों से फरियाद करते हुए रो पड़ते हैं। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं होती है।
बुधवार को बिजली दफ्तर का जायजा लिया गया तो ऐसे तमाम मामले मिले जो दो साल से अधिक समय से लंबित हैं। बनगवा निवासी रामरक्षा पांडेय के यहां निगम की टीम डेढ़ साल पहले जांच करने पहुंची। जब कोई खामी नहीं मिली, लेकिन मीटर में स्टोर रीडिंग के नाम पर 70 हजार रुपये का बिल थमा दिया। जबकि उस समय वह संपूर्ण बकाया का भुगतान कर चुके थे। जब वह अप्रैल 2022 में शिकायत करने गए तो उनका किलोवाट ही बढ़ा दिया गया।
भादी बुजुर्ग के रामनाथ ने एक मुश्त समाधान योजना में 14 दिसंबर 2023 को संपूर्ण बकाया का भुगतान कर दिया। अब निगम ने उन्हें 20 जनवरी को रीडिंग आधारित करीब 10 हजार रुपये का बिल भेज दिया। बुधवार को वह खंड अधिकारी से शिकायत करने पहुंचे। बताया कि अभी संपूर्ण बकाया का भुगतान किया हूं महीने भर के अंदर ही फिर दस हजार रुपये का बिल थमा दिया गया।
गुमानरी बजहा निवासी शिव पूजन दो साल से मासिक बिल को लेकर परेशान हैं। आरोप लगाया कि मीटर रीडर मनगढ़ंत रीडिंग डालकर बिल बना देते हैं। सही कराने जाओ तो अधिकारी आनाकानी करते हैं। तीन माह पहले ठीक कराया था। नवंबर में फिर गलत रीडिंग डालकर बिल बना दिया गया। उपखंड अधिकारी के पास जाओ तो वह सीधे मुंह बात नहीं करते हैं।
बाघापार निवासी सभाजीत ने 27 सितंबर 2023 को संपूर्ण बकाया का भुगतान कर दिया था। इसके बाद 20 अक्तूबर को 1400 रुपये और 22 दिसंबर को 7633 रुपये का बिल आया है। मीटर में इतनी रीडिंग नहीं है जितने का मासिक बिल भेजा जा रहा है। इसे ठीक कराने के लिए अक्तूबर से चक्कर लगा रहा हूं। अब तक ठीक नहीं किया गया।
यदि किसी उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी है और उसे संबंधित उपखंड अधिकारियों की ओर से ठीक नहीं किया जा रहा है तो मुझसे सीधे शिकायत करें। संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-राम दास, अधीक्षण अभियंता, बस्ती