पीड़िता ने राज्य महिला आयोग व आईजीआरएस पोर्टल पर की न्याय की गुहार
- लालगंज पुलिस पर दबाव बनाकर बयान कराने, आरोपियों से मिलीभगत का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के बीच उलझे लालगंज थानाक्षेत्र के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ सामने आ गया। पीड़िता ने लालगंज पुलिस पर अपने साथ हुई दरिंदगी की बात को नजरअंदाज करने और आरोपियों के साथ मिलकर दबाव में बयान कराने का आरोप लगाया है। जन सुनवाई पोर्टल और राज्य महिला आयोग को पत्र भेजकर उसने इंसाफ की गुहार की है। पत्र में उसने दोहराया है कि उसका अपहरण नहीं हुआ था बल्कि उसके साथ पांच अक्तूबर को सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। उसने बताया कि ग्राम प्रधान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने थाने की पुलिस को अपने साथ मिला लिया है। जिसके कारण उसके साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना की सुनवाई नहीं की जा रही है।
बता दें कि यह मामला छह अक्तूबर को तब सामने आया जब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के सामने प्रस्तुत होकर बताया कि उसके साथ गांव के दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस अधीक्षक ने थाने से पूछताछ किया तो पता चला कि लड़की की मां ने पहले ही प्रार्थनापत्र दिया है कि उसकी लड़की को गांव के दो लोग बोलेरो में बैठाकर भगा ले गए। पुलिस ने उसकी मां की तहरीर पर अपहरण का केस भी दर्ज कर लिया।
लालगंज पुलिस उसे ढूंढ ही रही थी कि मंगलवार को पीड़िता नाटकीय ढंग से आईजी आरके भारद्वाज के सामने जाकर प्रस्तुत हो गई। उसने आईजी को भी बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ है,बल्कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आईजी ने लालगंज एसओ को बुलाकर पीड़िता को न्यायालय में बयान दिलाने और मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया था। बुधवार को उसका मेडिकल और बयान कराने के बाद पुलिस ने पीड़िता को मां की सुपुर्दगी में घर भेज दिया। मगर बृहस्पतिवार को फिर उसने राज्य महिला आयोग और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराया कि उसकी सुनवाई नहीं की जा रही है।