बस्ती। लोक निर्माण विभाग की 300 सड़कों की जांच रिपोर्ट एक माह बाद भी नहीं मिली। अब इस मसले पर डीएम अंद्रा वामसी 6 दिसंबर को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा करेंगे। उनके समक्ष जांच रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को प्रस्तुत होना है। ऐसे में रिपोर्ट हाथ में न होने से विभागीय अफसर हॉफ रहे हैं। आननफानन जांच टीम से जुड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर रिपोर्ट मंगाए जा रहे हैं।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग के 300 सड़कों के निर्माण कार्यों के जांच के लिए 30 अक्तूबर को तहसीलवार दो-दो अधिकारियों की टीम गठित की थी। इन्हें जांच करके संबंधित विभाग को आख्या देनी थी। इनमें से कुछ टीमों ने डीएम के आदेश पर अमल नहीं किया। इससे संपूर्ण सड़कों की जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड भी इसे भूल गया था। जांच टीमों से समन्वय नहीं रह गया।
सोमवार को डीएम ने इस मसले पर समीक्षा की तिथि 6 दिसंबर तय कर दी है। उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में सभी जांच टीमों से रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है। आननफानन विभागीय अधिकारी जाच टीमों से संपर्क साधना शुरू कर दिए हैं। टीम में शामिल अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन स्तर से जांच रिपोर्ट मंगाने के लिए पत्र भी भेजा जा रहा है। दो दिन के भीतर इन सड़कों की जांच रिपोर्ट संकलित करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
जिले में 28 अक्तूबर को 22 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करने पहुंचे लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने जिले में 300 प्रस्तावित सड़कों के निर्माण में प्रगति और गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद 30 अक्तूबर को डीएम तहसीलवार जांच टीम गठित की थी।
एक्सईएन बोले- हमें कुछ नहीं मालूम
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन केशव लाल ने बताया कि जांच से संबंधित रिपोर्ट के बारे में उन्हें कुछ जानकारी नहीं है। बैठक के दिन ही कुछ स्पष्ट बता पाएंगे। वैसे रिपोर्ट के लिए सभी टीमों से संपर्क किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की प्रगति भी नहीं बता सकते हैं।