बस्ती। लाइफ लाइन हास्पिटल में नजजात की मौत के बाद दो बार हुई जांच के बाद डीएम अंद्रा वामसी ने बुधवार को रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई कर दी है।अस्पताल को सीज कर उसके संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश डीएम ने दिया है।
उल्लेखनीय है कि माह भर पहले अस्पताल में रुधौली के एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब बजरंग दल ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीएम ने इस मामले में सीएमओ डॉ. आरएस दूबे को जांच का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम एसडीएम सदर गुलाब चंद्र के साथ मौके पर पहुंच अस्पताल को बंद करने का निर्देश दिया था। शिकायतकर्ता जांच टीम की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद डीएम ने चार सदस्यीय टीम एसडीएम सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में बनाई गई। टीम में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. अनिल यादव, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. नवीन श्रीवास्तव व तथा डॉ. विनोद कुमार के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण मेंअस्पताल में तमाम खामियां पाई गई। इसकी रिपोर्ट बुधवार को टीम ने डीएम अंद्रा वामसीको दी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने लाइफ लाइन हास्पिटल के गहन चिकित्सा इकाई को बंदकर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
डीएम अंद्रा वामसी ने बताया है कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई तत्काल बंद करने तथा उनके विरुद्ध एफआईआर करने का निर्देश दिया गया है। पीड़ित परिवार इनके विरुद्ध मुकदमा करा सकता है, इसके लिए पुलिस विभाग को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। बताया कि इस अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई अवैध रूप से संचालित पाई गई है। इसका कोई रजिस्ट्रेशन अस्पताल के द्वारा नहीं कराया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया से रिपोर्ट भेज कर परामर्श मांगा गया है। वहां से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।