मतदाता सूची में शामिल ट्रांसजेंडर मतदाताओं ने सूची दुरुस्त करने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में 25 मई को मतदान है। इसके लिए प्रशासन तैयारियां पूरी कर चुका है। इसी बीच मतदाता सूची में शामिल 98 ट्रांसजेंडरों का मामला तूल पकड़नेे लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम अंद्रा वामसी ने इसकी जांच शुरू करा दी है। जांच समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई। इस मामले में किन्नरों के लिए काम करने वाली संस्था इंदिरा चैरिटेबल ट्रस्ट ने डीएम तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर त्रुटि ठीक करने की मांग की। इसके बाद सूची में शामिल महिला व पुरुषों ने भी अपनी बात उठाई है।
किन्नरों के उत्थान के लिए काम करने वाली संस्था इंदिरा चैरिटेबल ट्रस्ट ने मतदाता सूची जारी होने के बाद इसका सत्यापन शुरू किया। सत्यापन में यह बात सामने आई कि 98 थर्ड जेंडर मतदाताओं के सापेक्ष केवल 7 वैध थर्ड जेंडर मतदाता ही जिले में हैं। इन्हीं का एपिक कार्ड बना हुआ है। शेष 91 घोषित ट्रांसजेंडर मतदाता या तो पुरुष है या तो महिला है। वह ट्रांसजेंडर हैं ही नहीं।
विधानसभा क्षेत्र सदर की महिला मतदाता रीना गौड़ का मतदेय स्थल प्राइमरी स्कूल बैरियहवां है। उन्होंने एआरओ को संबोधित भेजे पत्र में कहा है कि वह महिला मतदाता है न कि थर्ड जेंडर। उनके दो बच्चे भी हैं। इसका सुधार किया जाए, लेकिन सुधार नहीं हो सका। एनजीओ की जांच में ऐसे ही सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रगति श्रीवास्तव, जुबेर अहमद, नवीन कुमार, ज्योति त्रिपाठी, इलायची जैसी कुल 27 मतदाता थर्ड जेंडर के रूप में हैं, लेकिन हकीकत में केवल चार मतदाता ऐसे हैं जो वैध थर्ड जेंडर मतदाता है। शेष 23 मतदाता थर्ड जेंडर नहीं है।
यही हाल कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र का है। यहां ट्रांसजेंडर मतदाताओं के रूप में ल 22 मतदाता है, लेकिन केवल एक मतदाता सुमन यादव हैं जो ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। शेष 21 मतदाता गलत पाए गए। हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में 11 मतदाता थर्ड जेंडर के रूप में दर्ज हैं, लेकिन केवल एक ही वैध मतदाता पूजा रमेश ट्रांसजेंडर हैं। रुधौली विधानसभा क्षेत्र में 32 ट्रांसजेंडर मतदाता आंकड़ों में दर्ज हैं। इनमेंकेवल एक मतदाता सीमा किन्नर ही वैध थर्ड जेंडर मतदाता है। शेष 31 मतदाता गलत दर्ज कर लिए गए हैं।
इन मतदाताओं में कुछ शादीशुदा और बाल-बच्चे वाले भी हैं। एनजीओ ने व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 50 बीएलओ से गलतियों के सुधार के लिए अनुरोध किया था, लेकिन बीएलओ ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय पांडेय कहते हैं कि आंकड़ों में हुई गलती की वजह से आगामी चुनाव में अधिकारियों के समक्ष समस्या भी आ सकती है।
जांच अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने कहा कि ट्रांसजेंडर का मामला संज्ञान में है। डीएम के निर्देश पर जांच शुरू करा दी गई है। सभी एडीओ को इसके लिए लगाया गया है कि वह सत्यापित कर तथ्यों का पता लगाएं। रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी।