बस्ती। मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन स्थापना की तैयारी पूरी हो गई है। लखनऊ की टीम ने कैली स्थित सेंटर की जांच पूरी कर ली है। सप्ताह भीतर यह मशीन स्थापित हो जाएगी। कॉलेज प्रशासन की परेशानी यह है कि उसके पास तकनीशियन ही नहीं हैं, जबकि एमआरआई मशीन चलाने के लिए 10 तकनीशियनों की जरूरत होगी।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में तीन साल से एमआरआई मशीन स्थापना प्रस्तावित है। शासन ने करीब छह माह पहले कंपनी का निर्धारण करते हुए भवन आदि सुसज्जित करने का निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने ओपेक चिकित्सालय में मानक के अनुसार भवन निर्माण करा दिया। भवन निर्माण के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग को सूचना भेज दी। अब एमआरआई आपूर्ति करने वाली कंपनी ने भवन का निरीक्षण कर माप आदि ले लिया।
10 तकनीशियन की जरूरत
मेडिकल कॉलेज में एमआरआई संचालन के लिए एक रेडियोलॉजिस्ट व 10 तकनीशियन की जरूरत है। जिससे सेंटर को 24 घंटे चलाया जा सके। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार की मानें तो मेडिकल कॉलेज में एमआरआई संचालन के लिए 10 तकनीशियन की जरूरत होगी। जबकि ओपेक चिकित्सालय कैली में एक भी तकनीशियन नहीं है। कहा कि तकनीशियन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
कई पत्र लिखा, नहीं मिले तकनीशियन : प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि एमआरआई के लिए कंपनी की टीम आई थी और माप आदि ले गई है। अब पखवाड़े भर में यहां मशीन आ जाएगी। मशीन लगने के बाद संचालन के लिए तकनीशियनों की जरूरत होगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को कोरोना कॉल में तकनीशियन मिले थे, जिसे हटा दिया गया था। करीब दो साल हो गए तकनीशियन के लिए कई पत्र लिखा गया, मगर न तो कोई आउट सोर्सिंग कंपनी तय की गई और न तकनीशियन मिल सके।