मुंडेरवा। यूपी टीबी एसोसिएशन एवं चेस्ट केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जूनियर हाईस्कूल अहरा में शिविर का आयोजन किया गया। पूर्व निदेशक बल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि फेफड़ों का स्वस्थ रहना जरूरी है। धुम्रपान, धूल एवं कुपोषण के कारण फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। डाॅ. केएम पाटनी ने बताया कि दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आना, खांसी के साथ बलगम एवं खून आना तेजी से वजन गिरना, रात में बुखार आना भूख न लगना टीबी के लक्षण हंै। डाॅ. राममनोहर लोहिया चिकित्सा विज्ञान स्थान के डाॅ. निखिल गुप्ता ने संयमित जीवन शैली पर जोर दिया। भूतपूर्व सीएमओ गोरखपुर डाॅ. आशुतोष दूबे ने बताया कि टीबी के मरीज को एक हजार रुपये प्रति माह तथा टीबी के मरीज को दवा देने वाले को तथा टीबी के मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने वाले को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देती है। ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए धरा (पृथ्वी) को हरा-भरा रखना होगा। संवाद