गन्ना मूल्य भुगतान के लिए मंडेरवा चीनी मिल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
40 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है गन्ना मूल्य
सीआरओ से वार्ता के बाद भी नहीं माने किसान
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को मुंडेरवा चीनी मिल गेट पर पंचायत किया। पंचायत को बाद में गन्ना मूल्य भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरने में तब्दील कर दिया गया।
बस्ती को सूखाग्रस्त घोषित करने, मुंडेरवा चीनी मिल पर बकाया लगभग 40 करोड़ का ब्याज समेत भुगतान करने, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति दिलाने, सूखे को देखते हुए किसानों को सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली देने, बिजली निगम की ओर से किसानों का उत्पीड़न बंद किए जाने की मांग कर रहे किसानों से जब चीनी मिल प्रबंधन ने वार्ता करना चाहा तो वह विफल हो गई। इसी बीच प्रबंधक ने बताया कि डीएम वार्ता के लिए आ रही हैं लेकिन बाद में उनकी जगह सीआरओ नीता यादव ने पहुंच कर वार्ता शुरू की तो भी किसान नहीं माने और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
भाकियू के प्रदेश सचिव एवं गन्ना समिति मुंडेरवा के निवर्तमान अध्यक्ष दीवान चंद पटेल ने बताया कि पूरा मंडल सूखे की चपेट में है। धान व गन्ने की फसल चौपट हो चुकी है। जब किसान चौतरफा परेशान हैं तो ऐसे समय में मुंडेरवा चीनी मिल 40 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं कर रही है।
धरने में भाकियू के प्रदेश सचिव राम सिंह, मंडल अध्यक्ष सुभाष चंद्र किसान, महासचिव शोभाराम ठाकुर, उपाध्यक्ष मार्तेंदु प्रताप सिंह, राम दुलारे सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, रामचंद्र सिंह, ब्रम्हादीन, हृदयराम वर्मा व रामकेवल वर्मा आदि किसान नेता शामिल थे।