शहर की सड़कों, पटरियों पर ठेले वालों का कब्जा
बस्ती। शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों और पटरियों पर ठेला व पटरी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। लिहाजा पूरे दिन शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहनों में टक्कर और खरोंच लगना आम बात है। कई ठेले वाले इतने मनबढ़ हैं कि टोकने वालों से मारपीट करने से बाज नहीं आते।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को कचहरी पेट्रोलपंप के सामने कुछ ठेले वालों ने बाइक सवार छात्रों को सरेआम पीट दिया था। मौके पर भीड़ जुट गई थी मगर ठेले वालों का तेवर देख किसी की बीच बचाव करने की हिम्मत नहीं हुई। चौकी के सिपाहियों ने झगड़ा छुड़ाने की कोशिश की तो उनसे भी हाथापाई करने लगे। मामले का मुकदमा भी दर्ज हुआ है।
शहर के रोडवेज तिराहे से लेकर कटेश्वर पार्क तक, दक्षिण दरवाजा से लेकर रेलवे क्रॉसिंग तक, गांधीनगर की सड़क की पटरियों, कंपनी बाग, मालवीय मार्ग, सुभाष तिराहा, कटरा चौराहा सहित सभी स्थान की सड़क की पटरियों पर सुबह होते ही सब्जी व फल के ठेले सज जाते हैं। ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता है, यहां भीड़ बढ़ जाती है। लिहाजा यहां वाहन कौन कहे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। शाम होते ही जाम लगने लगता है। यह क्रम देर रात तक चलता है।
नगर पालिका ने जीआईसी, जीजीआईसी, कंपनीबाग, कंपनी बाग सिंचाई विभाग के पास, कंपनी बाग विद्युत उपकेंद्र के बगल, एसपी आवास के सामने, आईटीआई के पास, कोतवाली के सामने सहित 15 स्थानों को वेंडिंग जोन बनाया है। लेकिन, निर्धारित स्थानों के बजाय वे मनमानी जगह पर ठेले लेकर टहलते देखे जा रहे हैं।
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पटरियों की लगती है बोली
नगर पालिका क्षेत्र में पैदल चलने वालों के लिए बनी सड़क की पटरियों की रोज बोली लगाई जा रही है। खरीदार पथ व पटरी विक्रेता होते हैं। बड़े दुकानदार इनसे ठेला व पटरी पर सामने बेचने के बदले दो सौ से चार सौ रुपये ले रहे हैं। बड़ी दुकानों के सामने यदि कोई ठेला या पटरी विक्रेता अपनी दुकानें लगाने के लिए संबंधित दुकानदार को रुपये देने पड़ते हैं। यदि वह तय रेट नहीं देता है तो उसे दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ठेला दुकानदारों ने बताया कि कभी-कभी अच्छी कमाई नहीं होती है, इसके बावजूद तय रुपये संबंधित दुकानदार को देने होते हैं, उन पर मिन्नतों का भी असर नहीं होता है।
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डीएम ने लिया संज्ञान
इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम ने पटरियों पर सजने वाली दुकानों को व्यवस्थित करने की योजना बनाई है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सड़क की पटरियों से सब्जी व फल के ठेलों के अलावा पटरियों पर लगने वाले बाजार को हटाना होगा। इससे पहले पटरी दुकानदारों के लिए व्यवस्था करनी पडे़गी। नगर पालिका से उन स्थानों की सूची मांगी गई है, जहां ठेले लगाकर सब्जी व फल बेचे जा रहे हैं।
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