रूट निर्धारण न होने से दिनभर प्रमुख चौराहों पर बीच सड़क पर सवारी भरते हैं चालक
नगरवासियों को आने-जाने में होती है दिक्कत, नगर पालिका प्रशासन की ओर से नहीं है कोई इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर पालिका की ओर से शहर में रूट निर्धारण न होने से ऑटो, ई-रिक्शा सड़क में कहीं वाहन खड़ा कर सवारियां भरते हैं। इससे जाम लग जाता है। प्रमुख चौक, चौराहों पर बीच सड़क सवारी भरते हुए देखा जा सकता है। जिले में 1,700 ऑटो और 763 ई-रिक्शा सब सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हैं।
शहर में भीड़ और जाम से बचाव का नगर पालिका की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पटरियों पर अवैध कब्जा और बिना रूट के दिनभर फर्राटा भरते ऑटो, ई-रिक्शा जाम की प्रमुख वजह हैं। दिनभर शहर की सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से सुबह सवारियां लेकर जिला मुख्यालय आने वाले ऑटो, ई-रिक्शा दिनभर शहर में सवारियां ढोते हैं। इससे सड़कों पर भीड़ बढ़ने के साथ लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शहर के बभनगांवा निवासी पीके श्रीवास्तव बताते हैं कि जाम देखकर चालक मोहल्ले की गलियों से ही ऑटो, ई-रिक्शा लेकर निकल लेते हैं। इन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इन प्रमुख मार्गों व चौराहों पर लगता है जाम
- कटरा चुंगी से फव्वारा चौराहा, कंपनी बाग तक
- गांधीनगर स्टेट बैंक से हनुमान मंदिर तक
- मालवीय रोड पर रौता चौराहा
- रोडवेज के नेहरु प्रतिमा से बस स्टेशन तक
- कोतवाली से जिला अस्पताल गेट तक
- पुरानी बस्ती के रेलवे क्रॉसिंग
- सदर तहसील से स्टेडियम तक
- शहर में चल रहे ऑटो, ई-रिक्शा के रूट निर्धारण पर कवायद की जा रही है। रूट निर्धारण के लिए पुलिस और परिवहन विभाग से मदद ली जा रही है। शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए रूटवार ऑटो, ई-रिक्शा का संचालन कराया जाएगा। दुर्गेश्वरमणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बस्ती।