वातावरण में आद्रता बढ़ने से बढ़ रही हैं त्वचा संबंधी परेशानियां
गर्म व नम स्थितियों में अधिक ही होती हैं घमौरियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव से अब लोग त्वचा संबंधित रोग से ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज करीब 200 मरीज घमौरियां व खुजली के आ रहे हैं। डॉक्टर बताते हैं कि वातावरण में आद्रता बढ़ने से त्वचा संबंधी परेशानियों आती हैं।
इन दिनों मौसम मेंं तेजी से बदल रहा है। दिन में उमस और रात में आद्रता बढ़ने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। वायरल फीवर, खांसी, सर्दी-जुकाम, पेट आदि के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके अलावा त्वचा रोग के भी मामले बढ़ रहे हैं। डॉ. राम अनुग्रह ने बताया कि घमौरियां अधिकतर गर्म और नम स्थितियों में होती है। यह तब उभरती हैं जब त्वचा के अवरुद्ध छिद्र त्वचा के नीचे मौजूद पसीने को बाहर नहीं निकलने देते हैं। तब पीठ, गर्दन, छाती के ऊपरी भाग और शरीर के अन्य हिस्सों पर छोटे-छोटे चुभने वाले दाने निकल आते हैं।
उन्होंने कहा कि घमौरियां अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन त्वचा को ठंडा रखकर और पसीने को कम कर इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। घमौरिया होने पर टाइट कपड़े न पहनें वरना खुजली, जलन ज्यादा होगी। ऐसी जगह पर रहें जहां ठंड हो और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।